मौसम ने देशभर में अचानक करवट ले ली है और इसका असर पहाड़ से मैदान तक साफ दिख रहा है। कहीं भीषण गर्मी है तो कहीं बारिश, ओलावृष्टि और बर्फबारी ने हालात बदल दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार 9 अप्रैल तक आधे से ज्यादा देश में बारिश और ओले गिर सकते हैं, जबकि पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी, हिमस्खलन और भूस्खलन का खतरा बना हुआ है।
कहीं गर्मी, कहीं सर्दी और कहीं बारिश-ओलावृष्टि…मौसम के मिजाज में उतार-चढ़ाव का यह दौर अगले पांच दिनों तक ऐसे ही जारी रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, 9 अप्रैल तक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, यूपी से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों और मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ तक लगभग आधे देश में तमाम जगहों पर हल्की से लेकर भारी बारिश तक हो सकती है। इस दौरान कई जगहों पर ओलावृष्टि भी होगी। उधर, जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी का पूर्वानुमान है। इस दौरान कई जगह हिमस्खलन और भूस्खलन का खतरा भी बना हुआ है।
गंगोत्री, यमुनोत्री और बदरीनाथ की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी रविवार को भी जारी रही। इससे मैदानी क्षेत्रों में ठिठुरन बढ़ने का अनुमान है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में रविवार सुबह कुछ समय के लिए बारिश व बर्फबारी थमी लेकिन दोपहर दो बजे के बाद फिर बर्फ गिरनी शुरू हो गई। गोमुख-तपोवन ट्रैक इसकी वजह से पहले ही बंद हो चुका है। तापमान में गिरावट से पानी भी जमने लगा है। उधर, बदरीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर रविवार को बर्फबारी हुई, जबकि बदरीनाथ धाम सहित निचले क्षेत्रों में बारिश से ठंड बढ़ गई है। हेमकुंड साहिब, फूलों की घाटी सहित अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी बर्फबारी हुई है।
कई दिनों से मौसम का मिजाज बदला होने से गोपेश्वर सहित आसपास के इलाकों में ठंड काफी बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश में यलो अलर्ट के बीच रविवार को 9 जिलों में बारिश-बर्फबारी और ओलावृष्टि हुई। राजधानी शिमला और बिलासपुर में बारिश हुई जबकि सोलन, सिरमौर, कुल्लू, कांगड़ा, हमीरपुर व मंडी में बारिश के साथ-साथ ओले भी बरसे। ओलों से खासकर सेब की फसल को नुकसान हुआ है। कई जगहों पर ओलावृष्टि इतनी तेज हुई कि फसल को बचाने के लिए लगाई जालियां तक टूट गईं।
उधर, लाहौल स्पीति जिले, मंडी और कुल्लू के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी का दौर जारी रहा। अटल टनल के नॉर्थ पोर्टल के समीप पीर पंजाल की चोटी से रविवार सुबह अचानक हिमखंड खिसकने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि, कोई नुकसान नहीं हुआ है। अटल टनल से दूसरे दिन भी फोर-बाई फोर वाहनों की आवाजाही रही।
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर
राजस्थान में पिछले 24 घंटों के दौरान पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हुई और तेज हवाएं चलीं। पश्चिमी राजस्थान में कुछ स्थानों पर वर्षा हुई, जबकि पूर्वी हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधि दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 6 से 8 अप्रैल तक आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। 6 अप्रैल से एक नया और प्रबल पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिससे जोधपुर, बीकानेर, अजमेर संभाग और शेखावाटी क्षेत्र में तेज हवाएं (40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा), बारिश और कहीं-कहीं ओलावृष्टि हो सकती है।
हिमाचल में ओलावृष्टि के लिए ऑरेंज अलर्ट
हिमाचल प्रदेश के चार से पांच जिलों में 7 और 8 अप्रैल को ओलावृष्टि की आशंका को लेकर मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके साथ राज्य में 10 अप्रैल तक बारिश होने का अनुमान है।
मौसम विभाग के मुताबिक, अरुणाचल प्रदेश में 6, 8 और 9 अप्रैल को और असम और मेघालय में 7, 9 और 11 अप्रैल को कुछ-कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।
पश्चिम बंगाल में 8 और 9 अप्रैल को कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। सिक्किम में 7 और 8 अप्रैल और बिहार-झारखंड में 8 अप्रैल तक कहीं-कहीं ओले गिरने के आसार हैं

