मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मंगलवार को चंडीगढ़ में हरियाणा तालाब और अपशिष्ट जल प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक की अध्यक्षता की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन गांवों में जोहड़ आबादी के बीच आ गए हैं, वहां उनकी सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने तालाबों के किनारों को मजबूत करने, गाद निकालने और किनारों पर उगी घास की सफाई करवाने के निर्देश दिए। साथ ही तालाबों के आसपास लोगों के सैर के लिए पक्की पगडंडी, बैठने के लिए बेंच तथा सोलर लाइट लगाने की व्यवस्था की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि तालाबों के रखरखाव की जिम्मेदारी संबंधित ग्राम पंचायतों द्वारा सुनिश्चित की जाए। अधिकारियों को समय-समय पर निरीक्षण करने तथा किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर उसे तत्काल दूर करवाने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने कहा कि गांवों के गंदे पानी को सीधे तालाबों में न डाला जाए।

इसके लिए थ्री-पॉन्ड सिस्टम विकसित किया जाए ताकि पानी को साफ करने के बाद ही तालाबों में छोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विजन है कि गांवों में बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं तथा तालाबों को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जाए ताकि लोग वहां सैर और अन्य गतिविधियों का आनंद ले सकें।मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े तालाबों में मछली पालन को बढ़ावा दिया जाए। इसके लिए ऑनलाइन ऑक्शन पोर्टल के माध्यम से तालाबों की बोली लगाई जाए और उससे प्राप्त राशि को तालाबों के रखरखाव पर खर्च किया जाए। उन्होंने आगामी मानसून सीजन को ध्यान में रखते हुए सभी ड्रेनों की सफाई करवाने के भी निर्देश दिए।बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में कुल 20,039 तालाब हैं, जिनमें से 19,129 ग्रामीण क्षेत्रों तथा 910 शहरी क्षेत्रों में स्थित हैं। अब तक 6,777 तालाबों की सफाई का कार्य पूरा किया जा चुका है और शेष तालाबों की सफाई का कार्य भी शीघ्र पूरा किया जाएगा।

