आज चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय में पंजाब के डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर श्री पी. के. सिन्हा के साथ पंजाब अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व चेयरमैन प्रो. इमैनुअल नाहर के नेतृत्व में एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की।
प्रतिनिधिमंडल में पंजाब अल्पसंख्यक आयोग के पूर्व सदस्य डॉ. सुभाष थोबा, मसीही नेता हरमेश मसीह, दर्शन महल तथा अन्य प्रतिनिधि शामिल थे।

प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब में हाल के दिनों में घटित कुछ चिंताजनक घटनाओं के संबंध में डीआईजी को विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस दौरान जालंधर में हुई घटना, बटाला के निकट एक चर्च पर की गई फायरिंग तथा पठानकोट में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान कुछ संगठनों द्वारा डाली जा रही बाधाओं का मुद्दा भी उठाया गया।
प्रो. इमैनुअल नाहर ने विशेष रूप से पंजाब भर के चर्चों और अन्य धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को और अधिक मजबूत किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि विशेषकर प्रत्येक रविवार को बड़े चर्चों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एकत्रित होते हैं, इसलिए वहां पर्याप्त पुलिस सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए।
डीआईजी लॉ एंड ऑर्डर श्री पी. के. सिन्हा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था हर हाल में बनाए रखी जाएगी तथा किसी भी धार्मिक समुदाय की सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर पंजाब पुलिस पूरी तरह सतर्क है और शांति एवं भाईचारे को भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब पुलिस द्वारा दिए गए आश्वासन का स्वागत करते हुए आशा व्यक्त की कि राज्य में आपसी भाईचारा, शांति और सांप्रदायिक सद्भाव को और अधिक मजबूती मिलेगी।

