इंफाल : मणिपुर के उखरुल जिले में एक बीएसएफ जवान की हत्या के बाद सुरक्षा बलों ने रविवार को लगातार तीसरे दिन उग्रवादियों को पकड़ने के लिए अपना संयुक्त तलाशी अभियान जारी रखा। अधिकारियों ने बताया कि इन अभियानों के दौरान सुरक्षा बलों ने जिले में अवैध रूप से बनाए गए 21 बंकरों को भी नष्ट कर दिया।
इंफाल के एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय और राज्य सुरक्षा बलों ने सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के कांस्टेबल मिथुन मंडल की हत्या के लिए जिम्मेदार संदिग्ध उग्रवादियों का पता लगाने के लिए उखरुल और आसपास के जिलों में तलाशी अभियान तेज कर दिया है।
शुक्रवार को जब वह अन्य बीएसएफ जवानों के साथ हिंसा प्रभावित जिले में ‘रोड ओपनिंग पार्टी’ (आरओपी ) की ड्यूटी पर थे, तभी उन पर हमला किया गया था। श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद बीएसएफ कांस्टेबल का पार्थिव शरीर शनिवार को पश्चिम बंगाल के मालदा स्थित उनके पैतृक घर भेज दिया गया।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि सुरक्षा कर्मियों ने पहाड़ी जिले उखरुल में लिटान पुलिस स्टेशन के अंतर्गत सिकिबुंग गांव में 14 बंकर और मोंगकोट चेपु गांव में सात अन्य बंकरों को ध्वस्त कर दिया। इन बंकरों को उग्रवादी संगठनों ने सुरक्षा बलों और आम नागरिकों पर हमले करने के लिए अवैध रूप से बनाया था।
एक अलग अभियान में, सुरक्षा बलों ने म्यांमार की सीमा से सटे तेंगनौपाल जिले के माओजांग, लिबुंग, गोमनोम और टी खोनुनजांग के तिराहे वाले इलाकों से हथियार और विस्फोटक बरामद किए। बरामद की गई चीजों में मैगजीन के साथ दो 9 एमएम पिस्तौल, 13 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), दो कॉम्बैट यूनिफॉर्मऔर एक बैकपैक शामिल थे। सभी 13 आईईडी को सुरक्षा कर्मियों द्वारा मौके पर ही सुरक्षित रूप से नष्ट कर दिया गया।
इस बीच, मणिपुर पुलिस ने चुराचांदपुर जिले के वेंगनुआम सिंगंगाट इलाके से दो लोगों को गिरफ्तार किया। अधिकारियों ने उनके कब्जे से ‘ब्राउन शुगर’ से भरे 45 साबुन के केस, एक मारुति जिप्सी, दो मोबाइल फोन और दो बैग बरामद किए।
केंद्रीय सुरक्षा बल और राज्य पुलिस की टीमें उग्रवादी गतिविधियों पर लगातार कड़ी कार्रवाई कर रहे हैं। कई जिलों के सीमावर्ती, मिश्रित आबादी वाले और अन्य संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान और ‘एरिया डोमिनेशन’ (इलाके पर नियंत्रण) के अभ्यास जारी हैं। निगरानी को मजबूत करने और गैर-कानूनी तत्वों की आवाजाही को रोकने के लिए राज्य के घाटी और पहाड़ी जिलों में कुल 109 नाके (चेकपॉइंट) लगाए गए हैं।

