भाजपा नेता एवं गिल हलका प्रभारी एस. आर. लद्धड़ IAS (सेवानिवृत्त) ने पठानकोट में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की और पार्टी द्वारा शुरू किए गए ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ अभियान का स्वागत किया। भाजपा ने इस अभियान का नारा दिया है— “भाजपा दा नारा, नशा मुकौना सारा।” 18 सितंबर को पठानकोट से यात्रा शुरू किए जाने की पुष्टि विभिन्न समाचार स्रोतों ने की है। (Hindustan Times)
लद्धड़ ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि पंजाब के सामाजिक और आर्थिक भविष्य से जुड़ा गंभीर संकट है। लगातार विभिन्न क्षेत्रों से नशे के कारण मौतों और परिवारों के तबाह होने की खबरें सामने आ रही हैं। विशेष चिंता की बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में गरीब मजदूर और कमजोर वर्ग के परिवार इस संकट से अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के युवाओं और मजदूरों को नशे की गिरफ्त में फंसाने वाले नेटवर्क पर कठोर कार्रवाई आवश्यक है। नशे की सप्लाई चेन, स्थानीय तस्करी और संरक्षण देने वाले तत्वों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। पुलिस या राजनीतिक स्तर पर किसी भी प्रकार की मिलीभगत के आरोप सामने आते हैं तो उनकी स्वतंत्र और समयबद्ध जांच होनी चाहिए।
लद्धड़ ने कहा कि पंजाब की successive सरकारें नशे की सप्लाई और नेटवर्क को पूरी तरह रोकने में सफल नहीं रही हैं। अब केवल घोषणाओं और अभियानों से काम नहीं चलेगा—सप्लाई रोकना, बड़े तस्करों तक पहुंचना, दोषियों को सजा दिलाना और नशे से प्रभावित परिवारों का पुनर्वास साथ-साथ जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भाजपा द्वारा शुरू की गई ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ को केवल चुनावी अभियान न बनाकर गांव-गांव तक सामाजिक जनआंदोलन का रूप दिया जाना चाहिए। भाजपा की यात्रा सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचने के लिए लगभग 4,000 किलोमीटर की दूरी तय कर रही है। (Hindustan Times)
एस. आर. लद्धड़ ने उम्मीद जताई कि यदि 2027 में पंजाब में भाजपा की सरकार बनती है, तो पार्टी अपने “नशा मुकौना सारा” के संकल्प को शासन की ठोस नीति, कठोर कार्रवाई और जवाबदेही के साथ लागू करेगी। पंजाब के लोगों को नशे से मुक्ति केवल नारे में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देनी चाहिए।

