संगरूर:
शिमला-चंडीगढ़ कैथोलिक धर्मप्रांत (डायोसिस) के तत्वावधान में संगरूर स्थित लिटिल फ्लावर कैथोलिक चर्च में ‘सलीबी फ़तेह दिवस’ अत्यंत श्रद्धा, आध्यात्मिक उत्साह और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर मसीही (ईसाई) समाज के लोग, विभिन्न चर्चों के पादरी, पुरोहित, धार्मिक बहनें और कई गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में एकत्र हुए। पूरा कार्यक्रम आस्था, सामाजिक एकता और आपसी बंधुत्व की भावना से सराबोर रहा।
समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिमला-चंडीगढ़ धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष (बिशप) मोस्ट रेवरेंड डॉ. सहाया थैटियस थॉमस ने शिरकत की और श्रद्धालुओं को अपना आशीर्वाद प्रदान किया। कार्यक्रम में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी (PPCC) के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष प्रो. इमैनुएल नाहर तथा समाजसेवी श्री हरमेश गिल विशेष रूप से उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए प्रो. इमैनुएल नाहर ने कहा कि क्रूस (सलीब) केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि मसीही आस्था की मूल आत्मा और केंद्रीय पहचान है। यह प्रभु यीशु मसीह के अतुलनीय बलिदान और पापों पर उनकी दिव्य विजय को दर्शाता है। सलीब हमें प्रेम, आशा, क्षमाशीलता, पुनर्मिलन और अटूट विश्वास का गहरा मार्ग दिखाती है।
उन्होंने आगे जोर देकर कहा कि आज के समय में क्रूस का संदेश और भी प्रासंगिक हो जाता है। यह मानवता को आपसी मतभेद, नफ़रत और विभाजन की भावनाओं से ऊपर उठकर करुणा, वैश्विक शांति, सहिष्णुता और आपसी समझ के रास्ते पर चलने की प्रेरणा देता है।
कार्यक्रम के अंत में विशेष प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र और देश में शांति, समृद्धि और भाईचारे की कामना की गई। उपस्थित सभी धर्मगुरुओं और अतिथियों का चर्च प्रशासन द्वारा धन्यवाद व्यक्त किया गया।

