पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग द्वारा आज कांग्रेस भवन तरन तारन में जिला तरन तारन के नवनियुक्त ऑब्जर्वर जसबीर संधू की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में अल्पसंख्यक समुदायों की समस्याओं, 2027 के विधानसभा चुनावों और ज़मीनी स्तर पर कांग्रेस पार्टी को मजबूत करने पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष डॉ. प्रो. इमैनुएल नाहर, पंजाब संयोजक डॉ. सुभाष थोबा, डॉ. हरमेश गिल, ऑब्जर्वर मोहाली विशेष रूप से उपस्थित रहे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजवीर सिंह भुल्लर ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक को संबोधित करते हुए प्रो. इमैनुएल नाहर ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में अल्पसंख्यक समुदायों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का उद्देश्य हर वर्ग और हर समुदाय को साथ लेकर पंजाब को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि भारत एक ऐसा गुलदस्ता है जिसमें हर धर्म और हर समुदाय का अपना महत्वपूर्ण योगदान है और संविधान सभी को समानता, स्वतंत्रता और सम्मान के साथ जीने का अधिकार देता है।
उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यकों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय या अत्याचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ज़मीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से सीधा संपर्क कायम कर रही है और हर घर तक पहुंचकर पार्टी की नीतियों और जन-हितैषी एजेंडे को पहुंचाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदायों सहित समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक धर्मनिरपेक्ष पार्टी है, जो सभी समुदायों को उचित मान-सम्मान देती है और किसी भी प्रकार का जातिवादी या भेदभावपूर्ण रवैया बर्दाश्त नहीं करेगी।
पंजाब संयोजक डॉ. सुभाष थोबा ने पंजाब की वर्तमान स्थिति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी द्वारा सत्ता में आने से पहले दावे किए जाते थे कि पंजाब में धरना-प्रदर्शन नहीं होने दिए जाएंगे, लेकिन आज कर्मचारी संगठन, किसान संगठन, युवा संगठन और छात्र भी अपने अधिकारों के लिए धरनों के रास्ते पर चलने को मजबूर हैं। यह बेहद दुखद बात है कि सरकार को लोगों को बुनियादी सुविधाएं देनी चाहिए, लेकिन इसके बजाय कागजी दावे किए जा रहे हैं। सरकार को ज़मीनी हकीकत को समझते हुए लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

इस अवसर पर अल्पसंख्यक समुदायों से संबंधित पादरी साहिबान और विभिन्न वर्गों के नेताओं ने अपनी मांगें भी रखीं। नेताओं ने मांग की कि सरकार बनने की सूरत में अल्पसंख्यक समुदायों की अनदेखी न की जाए और हर वर्ग को उचित मान-सम्मान और प्रतिनिधित्व दिया जाए। विभिन्न जिलों में अल्पसंख्यक समुदायों के लिए विशेष भवन बनाने, 2 प्रतिशत आरक्षण के मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और विधानसभा में समुदाय का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की मांग भी जोर-शोर से उठाई गई।
प्रो. इमैनुएल नाहर ने आश्वासन दिया कि वह चुनाव घोषणापत्र समिति (मैनिफेस्टो कमेटी) से जुड़े होने के नाते अल्पसंख्यक समुदायों की जायज मांगों को चुनाव घोषणापत्र में शामिल करवाने का पूरा प्रयास करेंगे। इस अवसर पर एआईसीसी (AICC) की सदस्य मैडम मीनाक्षी विशेष रूप से बैठक में शामिल हुईं।

बैठक में बड़ी संख्या में पादरी साहिबान, धार्मिक और सामाजिक नेताओं की मौजूदगी ने अल्पसंख्यक विभाग की गतिविधि को और मजबूती दी। मैडम मीनाक्षी सिंह ने भी बड़ी संख्या में समुदाय के नेताओं की भागीदारी पर खुशी व्यक्त की।
बैठक के दौरान जसबीर संधू ने मंच संचालन की भूमिका बखूबी निभाते हुए विभिन्न समुदायों के प्रतिनिधियों को मान-सम्मान दिया और सभी को एकजुट होकर लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
इस अवसर पर डॉ. गुलजार लाल मसीह, पादरी जेरस हैप्पी, पादरी मति दास, पादरी सोखा मसीह (अध्यक्ष, पादरी वेलफेयर एसोसिएशन), पादरी सनी मसीही, पादरी टहल सिंह, पादरी जतिंदर जोहल, सुखदेव सिंह (ब्लॉक अध्यक्ष, खडूर साहिब), तेजपाल (पंचायत सदस्य, घरयाला), राज मसीह, रूफन, पादरी राजवंत कौर, जागीर खोखर (एम.सी.), अजय मसीह पट्टी सहित विभिन्न समुदायों के नेता और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

इस बैठक ने स्पष्ट संकेत दिया कि 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले अल्पसंख्यक समुदायों को राजनीतिक रूप से लामबंद करने और उनकी मांगों को कांग्रेस के चुनावी एजेंडे में प्रमुख स्थान दिलाने के लिए पार्टी ने ज़मीनी स्तर पर अपनी गतिविधियां तेज कर दी हैं।

