चंडीगढ़। भारत में पुरुषों के अधिकार, कल्याण और पारिवारिक जीवन से जुड़े मुद्दों को लेकर सेव इंडियन फैमिली मूवमेंट का दो दिवसीय 16वां राष्ट्रीय सम्मेलन 14 से 16 अगस्त 2026 तक विशाखपट्टणम में आयोजित किया गया। सम्मेलन का आयोजन सेव इंडियन फैमिली हार्मनी, विजाग की ओर से किया गया। देशभर से 30 से अधिक गैर-सरकारी संगठनों और 150 से अधिक पुरुष अधिकार कार्यकर्ताओं ने इसमें हिस्सा लिया। चंडीगढ़ से भी सेव इंडियन फैमिली के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में सहभागिता की।
सम्मेलन में पुरुषों के अधिकार, परिवार कल्याण, पुरुष कल्याण, पुरुषों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य, कानून के दुरुपयोग, न्याय व्यवस्था तथा परिवारों को बचाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।
भाई वेलफेयर सोसाइटी, भोपाल की ओर से पुरुषों से जुड़े मामलों, आंकड़ों और न्यायिक अनुभवों का व्यवस्थित आंकड़ा भंडार तैयार करने की आवश्यकता पर चर्चा की गई। संगठन ने कहा कि इससे पुरुषों से संबंधित समस्याओं पर तथ्य आधारित अध्ययन, अनुसंधान और नीति निर्माण को बढ़ावा मिलेगा।
एसआईएफ बैतूल ने पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के बढ़ते मामलों, जागरूकता, समय रहते जांच और बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान की आवश्यकता पर चर्चा की। पुरुषों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए विशेष योजनाएं बनाए जाने तथा इनके लिए अलग बजटीय प्रावधान किए जाने पर भी जोर दिया गया।
वास्तव फाउंडेशन, मुंबई की ओर से न्यायिक प्रक्रिया को सरल, सुलभ और कम खर्चीला बनाने के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग तथा ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज दाखिल करने की व्यवस्था को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने कहा कि न्यायालयों में इन सुविधाओं का व्यापक इस्तेमाल होने से अलग-अलग राज्यों से मुकदमों के लिए आने वाले लोगों का समय, यात्रा और आर्थिक खर्च बचाया जा सकता है।
सोशल मीडिया के जरिए पुरुष अधिकार आंदोलन को मजबूत करने पर जोर
सेव इंडियन फैमिली, चंडीगढ़ का प्रतिनिधित्व करते हुए जसदीप सिंह ने डिजिटल जानकारी और सोशल मीडिया रणनीति पर प्रस्तुति दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया आंदोलन की पहुंच बढ़ाने और लोगों तक अपनी बात पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। इसलिए किसी भी विचार या जानकारी को सोशल मीडिया पर प्रकाशित करने से पहले तथ्यों की पुष्टि, भाषा, कानूनी पहलुओं, संवेदनशीलता और उसके संभावित प्रभाव का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।
उन्होंने विभिन्न संगठनों से एक-दूसरे से मुकाबले के बजाय सहयोग की भावना से आगे बढ़ने का आह्वान किया, ताकि देशभर के संगठन एक-दूसरे की ताकत बनकर पुरुषों और परिवारों से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से समाज और सरकार के सामने रख सकें।
दो महिला न्यायिक अधिकारियों ने साझा किए अनुभव
सम्मेलन का एक महत्वपूर्ण सत्र विशाखपट्टणम की दो महिला न्यायिक अधिकारियों की सहभागिता में आयोजित किया गया। सेव इंडियन फैमिली, चंडीगढ़ की ओर से रोहित डोगरा ने डॉ. सोनी द्वारमपुड़ी, छठी अतिरिक्त सिविल न्यायाधीश (वरिष्ठ प्रभाग), विशाखपट्टणम तथा सुश्री निरुपा भंज, प्रधान सिविल न्यायाधीश (कनिष्ठ प्रभाग)-सह-चौदहवीं अतिरिक्त प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट का स्वागत किया।
इस सत्र में कानून के दुरुपयोग, बाल अभिरक्षा कानून, आपराधिक न्याय व्यवस्था, मध्यस्थता के महत्व और परिवारों को बचाने जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों न्यायिक अधिकारियों ने अपने अनुभव और विचार प्रतिनिधियों के साथ साझा किए तथा कार्यकर्ताओं के सवालों के जवाब भी दिए। इस दौरान दोनों न्यायिक अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
पतियों की हत्याओं के मामलों पर भी चर्चा
सम्मेलन में पतियों की लगातार सामने आ रही हत्याओं के मामलों पर भी गंभीर आत्ममंथन किया गया। प्रतिनिधियों ने ऐसी घटनाओं की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती। सम्मेलन में सेव इंडियन फैमिली मूवमेंट की ओर से पूरे भारत में पुरुषों के लिए निशुल्क हेल्पलाइन 08882-498-498 के विस्तार की योजना की भी जानकारी दी गई।
चंडीगढ़ के रोहित डोगरा ने उठाई राष्ट्रीय पुरुष आयोग की मांग
सम्मेलन को संबोधित करते हुए सेव इंडियन फैमिली, चंडीगढ़ के रोहित डोगरा ने कहा, “हम महिलाओं के अधिकारों के खिलाफ नहीं हैं; हम समानता के लिए हैं। पुरुष पक्षपाती कानूनों और सामाजिक अपेक्षाओं के कारण कई बार चुपचाप पीड़ित होता है। अब पुरुषों को भी अपनी बात रखने के लिए एक मजबूत आवाज देने का समय आ गया है।”
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पुरुष आयोग का गठन पुरुषों से जुड़े सामाजिक, कानूनी, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक मुद्दों को संस्थागत रूप से संबोधित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने बताया कि डॉ. अशोक कुमार मित्तल द्वारा राष्ट्रीय पुरुष आयोग के गठन से संबंधित निजी सदस्य विधेयक राज्यसभा में पहले ही प्रस्तुत किया जा चुका है।
रोहित डोगरा ने सभी सांसदों से इस विधेयक को पारित कराने में सहयोग करने का आग्रह करते हुए कहा कि यह किसी एक लिंग के विरुद्ध नहीं, बल्कि समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि सेव इंडियन फैमिली मूवमेंट राष्ट्रीय पुरुष आयोग की मांग को लेकर मजबूती और निरंतरता के साथ कार्य करता रहेगा।
16वें राष्ट्रीय सम्मेलन में सेव इंडियन फैमिली मूवमेंट ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि पुरुषों, परिवारों और लैंगिक समानता से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाया जाता रहेगा तथा ऐसे समाज के निर्माण के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे, जहां न्याय, सम्मान और समानता सभी के लिए सुनिश्चित हो।

