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Wednesday, May 27, 2026
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जंगलों के बीच बसे गांवों में परखी योजनाओं की जमीनी सच्चाई

घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों के बीच बसे बैगा अंचल में बुधवार को उस समय प्रशासनिक सक्रियता और संवेदनशीलता का अलग ही दृश्य देखने को मिला, जब आदिम जाति कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा स्वयं कोटा विकासखंड के दूरस्थ बैगा गांवों तक पहुंचे। उन्होंने न केवल सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी, बल्कि बैगा परिवारों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं और योजनाओं के वास्तविक लाभ की जानकारी भी ली।

प्रमुख सचिव श्री बोरा ने बैगा बहुल ग्राम शिवतराई और नेवसा का दौरा कर पीएम जनमन योजना, धरती आबा अभियान, जनजातीय गौरव उत्सव, पीवीटीजी डिजिटल सर्वे और सुशासन तिहार की प्रगति की समीक्षा की। अचानकमार क्षेत्र के दुर्गम बैगापारा तक पहुंचकर उन्होंने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस दौरान कई ग्रामीणों ने पहली बार किसी वरिष्ठ अधिकारी को अपने घर-आंगन तक पहुंचते देखा।

शिवतराई में प्रमुख सचिव ने स्वयं “सर्वे सेतु” ऐप के माध्यम से तिहारू बैगा के परिवार का डिजिटल सर्वे किया। परिवार की आजीविका, आवास, स्वास्थ्य सुविधाओं और सरकारी योजनाओं की पहुंच को लेकर उन्होंने विस्तार से जानकारी ली। बातचीत के दौरान उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि पीवीटीजी समुदाय का कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं से वंचित न रहे।

दौरे का सबसे अहम दृश्य नेवसा गांव में देखने को मिला, जहां पीएम जनमन योजना के तहत बनी सड़क की गुणवत्ता जांचने के लिए प्रमुख सचिव ने तकनीकी टीम के साथ सड़क की ड्रिलिंग करवाई। सड़क की मोटाई और निर्माण सामग्री के नमूने लिए गए। शिवतराई-अचानकमार मुख्य मार्ग से करीब साढ़े तीन किलोमीटर दूर बने इस संपर्क मार्ग ने बैगा परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में जहां पहले घंटों पैदल चलना पड़ता था, वहीं अब गांव तक पहुंच आसान हो गई है।

दौरे के दौरान गांव में पहुंची मोबाइल मेडिकल यूनिट का भी प्रमुख सचिव ने निरीक्षण किया। उन्होंने बैगा समुदाय के लोगों से पूछा कि स्वास्थ्य वाहन से उन्हें कितना लाभ मिल रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि अब प्राथमिक उपचार और जांच गांव में ही उपलब्ध हो रही है। इस पर प्रमुख सचिव ने मेडिकल यूनिट को नियमित रूप से गांवों में पहुंचने के निर्देश दिए।
प्रमुख सचिव ने नेवसा स्थित आदिवासी बालक आश्रम का निरीक्षण का भी निरीक्षण किया। आश्रम परिसर, शौचालय और साफ-सफाई की स्थिति बेहद खराब मिलने पर प्रमुख सचिव ने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके पर ही हॉस्टल वार्डन के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने वाला है और विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। पेयजल, बिजली, साफ-सफाई और मरम्मत कार्यों को समय रहते पूरा करने के निर्देश भी दिए गए।

इसके बाद जनपद पंचायत कोटा में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने पीवीटीजी डिजिटल सर्वे की प्रगति की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि लगभग 90 प्रतिशत सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। इस पर उन्होंने 30 मई तक शत-प्रतिशत सर्वे पूर्ण करने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख सचिव ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास को लेकर अत्यंत संवेदनशील हैं। पीएम जनमन और धरती आबा जैसे अभियानों का उद्देश्य केवल योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि दूरस्थ वनांचलों में रहने वाले परिवारों को सम्मान के साथ मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने पीवीटीजी परिवारों के लिए कौशल विकास, स्वरोजगार और आजीविका आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

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