नई दिल्ली/जयपुर। देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा ‘नीट’ (NEET) को लेकर एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। खबर है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र किसी एक केंद्र से नहीं, बल्कि सीधे नासिक स्थित प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुआ था। इस खुलासे ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सुरक्षा व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी हैं और पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। जांच में सामने आए ‘चेन सिस्टम’ ने अधिकारियों के होश उड़ा दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, पेपर लीक की कड़ियां कुछ इस प्रकार जुड़ी हैं:
लीक का केंद्र : पेपर सबसे पहले नासिक की प्रिंटिंग प्रेस से बाहर आया।
मास्टरमाइंड का ठिकाना : वहां से यह सीधे गुड़गांव के एक डॉक्टर के पास पहुंचा, जिसे इस पूरे गिरोह का अहम हिस्सा माना जा रहा है।
राजस्थान कनेक्शन : गुड़गांव से पेपर जयपुर पहुंचा और फिर वहां से सीकर भेजा गया।
राष्ट्रव्यापी नेटवर्क : सीकर को इस वितरण का मुख्य केंद्र बनाया गया, जहां से प्रश्नपत्र जम्मू-कश्मीर, केरल, बिहार और राजस्थान के विभिन्न जिलों में सक्रिय एजेंटों को भेजा गया।
हैरान करने वाली बात यह है कि परीक्षा से करीब 15 दिन पहले ही पेपर बाजार में आ चुका था। एक पीजी हॉस्टल संचालक द्वारा किए गए इस बड़े खुलासे के बाद अब व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। यह माना जा रहा है कि इस गिरोह ने लाखों-करोड़ों रुपए लेकर सैकड़ों अभ्यर्थियों तक यह पेपर पहुँचाया।
देशभर के लाखों छात्रों के भविष्य के साथ हुए इस खिलवाड़ को NTA के कामकाज पर एक ‘काला धब्बा’ माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्रिंटिंग प्रेस जैसी उच्च सुरक्षा वाली जगह से पेपर का बाहर आना बिना किसी बड़े अधिकारी या अंदरूनी मिलीभगत के संभव नहीं है।
मामले की गंभीरता और इसके कई राज्यों में फैले होने के कारण, केंद्र सरकार ने इसकी जांच CBI को सौंप दी है। सीबीआई अब उन कड़ियों को जोड़ने में जुटी है कि आखिर नासिक से लेकर केरल तक फैले इस सिंडिकेट का असली सरगना कौन है।
छात्रों में आक्रोश : इस खबर के बाद से देशभर के छात्रों और अभिभावकों में भारी रोष है। कड़ी मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों का कहना है कि अगर सिस्टम ही बिकाऊ है, तो उनकी मेहनत का क्या मोल?

