नई दिल्ली – पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और उसकी सेना ने जम्मू-कश्मीर में बड़े पैमाने पर घुसपैठ की तैयारी तेज कर दी है। खुफिया सूत्रों के अनुसार, नियंत्रण रेखा (LoC) और अंतरराष्ट्रीय सीमा (IB) के पार कम से कम 70 आतंकी लॉन्चपैड फिर से सक्रिय किए गए हैं, जहां करीब 800 आतंकियों को घुसपैठ के लिए तैयार रखा गया है।
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान इस साजिश को ऐसे समय अंजाम देने की कोशिश में है, जब वैश्विक ध्यान पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष खासतौर पर अमेरिका, इस्राइल और ईरान के बीच तनाव पर केंद्रित है। साथ ही भारत में चल रहे विधानसभा चुनावों को भी वह एक मौके के तौर पर देख रहा है।
खुफिया एजेंसियों के मुताबिक, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों की संख्या लगातार बढ़ाई जा रही है और उन्हें लॉन्चपैड्स पर तैनात किया गया है। इनमें से करीब 10 लॉन्चपैड अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास हैं, जबकि बाकी LoC के आसपास सक्रिय हैं।
सुरक्षा बलों ने दिखाई सतर्कता
इंटेलिजेंस ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि हाल के महीनों में भारतीय सुरक्षा बलों की सतर्कता के कारण कई घुसपैठ की कोशिशें नाकाम हुई हैं, जिसके बाद पाकिस्तान ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है। अब एक साथ कई जगहों से छोटे-छोटे समूहों (10-15 आतंकियों के) को घुसाने की योजना है, ताकि सुरक्षा बलों पर दबाव बनाया जा सके।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान पर दबाव
सूत्रों के अनुसार, मई 2025 में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद पाकिस्तान पर आतंकी संगठनों का दबाव बढ़ गया है। इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था। यह कार्रवाई अप्रैल 2025 के पहलगाम हमले के जवाब में की गई थी, जिसमें 26 पर्यटकों की मौत हुई थी।
बताया जा रहा है कि लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठन जम्मू-कश्मीर में गतिविधियां बढ़ाने के लिए आईएसआई पर दबाव बना रहे हैं। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी कार्रवाई के चलते स्थानीय आतंकी नेटवर्क और ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGW) की पकड़ कमजोर हुई है।
ऐसे में पाकिस्तान अब सीमा पार से प्रशिक्षित और अनुभवी आतंकियों को भेजने पर जोर दे रहा है, जिन्हें बड़े हमलों को अंजाम देने में सक्षम माना जाता है। खुफिया सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती तौर पर छोटे समूहों को घुसपैठ कराकर बाद में बड़े हमले की साजिश रची जा सकती है।

