संसद के विशेष सत्र में आज महिला आरक्षण कानून में संशोधन से जुड़े तीन महत्वपूर्ण बिल पेश किए जा रहे हैं, जो भारतीय राजनीति की दिशा बदल सकते हैं। इन विधेयकों में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ-साथ लोकसभा सीटों की अधिकतम संख्या को मौजूदा 543 से बढ़ाकर 850 करने का बड़ा प्रस्ताव रखा गया है। जहाँ कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल और गृह मंत्री अमित शाह इन बिलों को सदन के पटल पर रखेंगे, वहीं विपक्षी दल मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में सीटों की संख्या बढ़ाने और परिसीमन के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में हैं। आज से 18 अप्रैल तक चलने वाली इस 18 घंटे की गहन चर्चा के लिए सभी दलों ने व्हिप जारी कर दिया है, जिससे सदन में तीखी बहस और हंगामे के आसार साफ नजर आ रहे हैं, क्योंकि यह कानून पारित होने की स्थिति में साल 2029 के लोकसभा चुनावों से प्रभावी होगा….

