PhonePe IPO: फिनटेक कंपनी PhonePe को इनीशियल पब्लिक ऑफर (IPO) आईपीओ लाने के लिए सेबी से ग्रीन सिंग्नल मिल चुका है. कंपनी ने पिछले साल सितंबर में ड्राफ्ट पेपर्स जमा कराए थे.
PhonePe IPO: डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe को आईपीओ लाने के लिए मार्केट रेगुलेटर सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (Sebi) से मंजूरी मिल गई है. रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर इसकी जानकारी दी है.
कंपनी ने इससे पहले पिछले साल सितंबर में अपने पब्लिक इश्यू के लिए कॉन्फिडेंशियल रूट्स के जरिए ड्राफ्ट पेपर्स जमा कराए थे. रिपोर्ट के मुताबिक, उम्मीद जताई जा रही है कि वॉलमार्ट, माइक्रोसॉफ्ट और टाइगर ग्लोबल जैसे कंपनी के मौजूदा शेयरहोल्डर्स इस IPO के जरिए अपनी कुछ हिस्सेदारी बेच सकते हैं.
डिजिटल पेमेंट्स पर कंपनी का फोकस
अमेरिकी रिटेल चेन वॉलमार्ट के मालिकाना हक वाली फिनटेक कंपनी PhonePe की शुरुआत साल 2015 में हुई. आज इसकी पॉपुलैरिटी कुछ इस कदर है कि यह भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) नेटवर्क पर टॉप पेमेंट्स प्लेटफॉर्म के तौर पर उभरा है. दिसंबर 2025 तक इस प्लेटफॉर्म का ट्रांजैक्शन वॉल्यूम के हिसाब से लगभग 45 परसेंट मार्केट शेयर है.
सेबी के पास जमा कराए गए अपने ड्राफ्ट पेपर्स में PhonePe ने साफ कहा है कि डिजिटल पेमेंट्स कंपनी की ग्रोथ के चालक बने रहेंगे. इस लिहाज से कंपनी प्लेटफॉर्म को बड़ा बनाते हुए यूजर्स की संख्या को बढ़ाने के साथ मार्केट में अपने पांव पसारने पर जोर दे रही है. वित्त वर्ष 2025 तक भारत में डिजिटल कंज्यूमर पेमेंट्स का टोटल एड्रेसेबल मार्केट 301 लाख करोड़ रुपये का रहा. 2030 तक इसके 602 से 681 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है.
फोनपे ने बनाया अपना मजबूत बेस
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के डेटा से पता चलता है कि अगस्त में रिकॉर्ड किए गए कुल 2,160 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन में से 980 करोड़ ट्रांजैक्शन PhonePe के जरिए प्रोसेस किए गए. कंपनी ने 60 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड यूजर्स के साथ अपना एक बड़ा और मजबूत यूजर बेस बनाया है और यह देश भर में लगभग 5 करोड़ मर्चेंट्स को डिजिटल पेमेंट सॉल्यूशन देती है.

