केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री श्री रामदास अठावले ने मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित यूटी गेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा समाज के वंचित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान, कल्याण और सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं एवं पहलों की जानकारी दी।
मीडिया से बातचीत के दौरान श्री अठावले ने मंत्रालय के प्रमुख कार्यक्रमों और पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इनका उद्देश्य सामाजिक समानता को बढ़ावा देना, समावेशी विकास सुनिश्चित करना तथा हाशिए पर रह रहे समुदायों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति में सुधार करना है। उन्होंने कहा कि सरकार शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार सृजन और जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से समाज के कमजोर वर्गों के लिए नए अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की सराहना करते हुए कहा कि सरकार ने देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के लिए अनेक महत्वपूर्ण पहल की हैं। मेक इन इंडिया और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी प्रमुख योजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इन पहलों ने उद्यमिता को प्रोत्साहित करने, छोटे व्यवसायों को सहयोग देने और रोजगार के अवसर सृजित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
भारत की आर्थिक प्रगति पर प्रकाश डालते हुए श्री अठावले ने कहा कि भारत वर्तमान में विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है और देश शीघ्र ही तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ सकता है। उन्होंने देश की आर्थिक विकास दर और अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर विश्वास व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के साथ-साथ सामाजिक सशक्तिकरण भी आवश्यक है, ताकि विकास का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंच सके। उन्होंने दोहराया कि समावेशी विकास, समान अवसर और जनकल्याणकारी नीतियां एक मजबूत एवं समतामूलक राष्ट्र के निर्माण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।
इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी पहलों तथा सामाजिक न्याय, जनकल्याण, सशक्तिकरण और समावेशी आर्थिक विकास के प्रति केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया गया।

