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Sunday, July 19, 2026
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शादी के 28 साल बाद दंपति लेने जा रहा था तलाकलोक अदालत में पहुंचा मामला , हुआ समझौता

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में तथा माननीय श्री न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश-सह-प्रधान संरक्षक, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ एवं माननीय न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी, कार्यकारी अध्यक्ष, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ के कुशल मार्गदर्शन में आज दिनांक 18.07.2026 को जिला न्यायालय परिसर, सेक्टर-43, चंडीगढ़ में विशेष लोक अदालत का आयोजन राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ द्वारा किया गया।
जिला न्यायालय, सेक्टर-43, चंडीगढ़ में कार्यरत न्यायिक अधिकारियों की अध्यक्षता में कुल सात (7) पीठों का गठन किया गया। इन पीठों द्वारा एन.आई. एक्ट की धारा 138 के मामले, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (MACT) के मामले, वैवाहिक विवाद तथा ट्रैफिक चालान से संबंधित मामलों को आपसी सहमति से निपटाया गया।
आज की विशेष लोक अदालत में एन.आई. एक्ट, वैवाहिक विवाद, MACT तथा ट्रैफिक चालान से संबंधित 1046 से अधिक मामलों का निस्तारण किया गया। इन मामलों में कुल ₹5,98,76,877/- की राशि का समझौता किया गया।


जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ ने विशेष लोक अदालत की विभिन्न पीठों का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि विवादों को समाप्त करने के लिए दोनों पक्षों को प्रयास करना चाहिए। एक-दूसरे की छोटी-छोटी गलतियों को नजरअंदाज करना चाहिए, जिससे जीवन बेहतर हो सके। इससे बच्चों के बेहतर पालन-पोषण में भी सहायता मिलेगी। एक मामले में, 28 वर्ष की वैवाहिक जीवन के बाद एक दंपत्ति ने तलाक की याचिका दायर की थी। उनके दोनों बच्चे विदेश में रह रहे हैं। इस दंपत्ति को सलाह दी गई कि वे साथ रहें, क्योंकि भारत में उनकी देखभाल करने के लिए उनके बच्चे मौजूद नहीं हैं।
आज की विशेष लोक अदालत का आयोजन माननीय न्यायमूर्ति हरसिमरन सिंह सेठी, कार्यकारी अध्यक्ष, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़ के कुशल मार्गदर्शन में किया गया। गांधीवादी सिद्धांतों से प्रेरित लोक अदालत न्यायालयों के लिए एक महत्वपूर्ण सहायक सिद्ध हुई है और विवादों के निपटारे के लिए वादकारियों को एक वैकल्पिक मंच प्रदान करने में सफल रही है।
एच.एस. ग्रेवाल, माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण; अरुण कुमार अग्रवाल, माननीय सदस्य सचिव, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, यू.टी. चंडीगढ़; तथा सुनील कुमार, सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, चंडीगढ़ ने इस लोक अदालत को सफल बनाने के लिए सभी का धन्यवाद किया तथा लोगों से अपील की कि वे अपने विवादों का निपटारा लोक अदालत के माध्यम से करें, क्योंकि यह त्वरित और सस्ता न्याय प्रदान करती है।

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