पूर्व IAS अधिकारी एवं भाजपा नेता एस. आर. लधड़ IAS (सेवानिवृत्त) ने लुधियाना के पुलिस कमिश्नर श्री स्वप्न शर्मा से मुलाकात कर शांतिप्रिय एवं कानून का पालन करने वाले नागरिकों को कथित रूप से परेशान किए जाने तथा गुंडा तत्वों द्वारा की जा रही कथित दबंगई और उत्पीड़न का मामला उनके संज्ञान में लाया।
इस अवसर पर श्री विकास राजदेव तथा श्री अजय मर्जारा, ओमैक्स भी उपस्थित थे। श्री लधड़ ने पुलिस कमिश्नर से आग्रह किया कि कानून का पालन करने वाले नागरिकों को किसी भी प्रकार की धमकी या उत्पीड़न का सामना न करना पड़े तथा गुंडागर्दी एवं असामाजिक तत्वों से संबंधित शिकायतों पर सख्ती और निष्पक्षता से कार्रवाई की जाए।
पुलिस कमिश्नर श्री स्वप्न शर्मा ने श्री लधड़ को आश्वासन दिया कि मामले में उचित कार्रवाई की जाएगी तथा एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को इस पूरे मामले की जांच एवं निगरानी के लिए नियुक्त किया जाएगा, ताकि प्रभावित नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और उनका उचित समाधान किया जा सके।
श्री लधड़ ने गांव दाद निवासी एवं भाजपा युवा मोर्चा, लुधियाना ग्रामीण के अध्यक्ष श्री असीम कक्कड़ का भी पुलिस कमिश्नर श्री स्वप्न शर्मा से परिचय करवाया। पुलिस कमिश्नर ने उन्हें आश्वासन दिया कि उनकी समस्याओं और शिकायतों पर कानून के अनुसार हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
बाज़ीगर बस्ती में बड़ी जनसभा, लोगों ने रखीं अपनी समस्याएं
इसके बाद भाजपा युवा मोर्चा के नेतृत्व में पखोवाल रोड स्थित बाज़ीगर बस्ती में एक बड़ी बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने भाग लिया तथा श्री लधड़ ने उनकी समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना।
स्थानीय निवासियों की प्रमुख मांगों में सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ, मुफ्त राशन तथा राशन कार्ड उपलब्ध करवाना शामिल था। इसके अतिरिक्त लोगों ने अपनी अन्य स्थानीय समस्याएं भी श्री लधड़ के समक्ष रखीं।
श्री लधड़ ने उपस्थित लोगों को आश्वासन दिया कि वे कानून के दायरे में रहते हुए जहां तक संभव होगा, उनकी सहायता करेंगे। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि प्रत्येक समस्या के लिए अलग-अलग लिखित शिकायत प्रस्तुत करें, ताकि हर शिकायत को संबंधित विभाग के समक्ष उचित तरीके से उठाया जा सके और उसके समाधान के लिए प्रभावी ढंग से पैरवी की जा सके।
श्री लधड़ ने कहा कि हर नागरिक की आवाज सुनी जानी चाहिए, विशेष रूप से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों की वास्तविक समस्याओं का प्रशासन द्वारा निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से समाधान किया जाना चाहिए।

