ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के नई दिल्ली स्थित मुख्य मुख्यालय में पंजाब कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग की एक उच्च स्तरीय और महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में आगामी 2027 पंजाब विधानसभा चुनाव, संगठन के पुनर्गठन और पार्टी कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान को लेकर गंभीर चर्चा की गई।
बैठक के मुख्य फैसले और रणनीतिक बिंदु:
- 2027 पंजाब चुनाव की तैयारी: पंजाब में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए अल्पसंख्यक समाज को एकजुट करने और जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई।
- जिला और ब्लॉक स्तर पर सक्रियता: राज्य के हर ब्लॉक और जिला स्तर पर अल्पसंख्यक विभाग को पूरी तरह सक्रिय किया जाएगा ताकि पार्टी की नीतियां हर घर तक पहुंचाई जा सकें।
- नई मुख्य कार्यकारिणी की सूची: पंजाब अल्पसंख्यक विभाग की नई कार्यकारिणी समिति की सूची जल्द जारी की जाएगी, जिसमें माझा, मालवा और दोआबा का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया जाएगा और समर्पित कार्यकर्ताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
- राज्य स्तरीय सम्मेलन: आने वाले महीनों में पंजाब में एक बड़ा राज्य स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसकी अगुवाई राष्ट्रीय चेयरमैन श्री इमरान प्रतापगढ़ी करेंगे।
- 2029 लोकसभा दृष्टिकोण: राष्ट्रीय चेयरमैन श्री इमरान प्रतापगढ़ी ने कहा कि देश के लोग और युवा श्री राहुल गांधी जी को प्रधानमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं और 2029 में केंद्र में ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन की सरकार बनेगी।
मुख्य नेताओं की उपस्थिति और भूमिका: - प्रोफेसर इमैनुएल नाहर (चेयरमैन, पंजाब कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग): उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व के समक्ष पंजाब के वर्तमान राजनीतिक हालात और अल्पसंख्यक समाज की मांगों को प्रमुखता से रखा।
- श्री इमरान प्रतापगढ़ी (राष्ट्रीय चेयरमैन, AICC अल्पसंख्यक विभाग): उन्होंने पंजाब टीम के प्रयासों की सराहना की और केंद्रीय नेतृत्व की ओर से हर संभव सहयोग का आश्वासन दिया।
- डॉ. सुभाष थोबा (संयोजक, पंजाब अल्पसंख्यक विभाग) और हरमेश गिल (वरिष्ठ नेता): दोनों नेताओं ने सामाजिक समरसता, जन-कल्याणकारी पहलों और पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए अपने बहुमूल्य सुझाव दिए।
पार्टी कार्यकर्ताओं के मान-सम्मान पर संदेश:
“पंजाब में अल्पसंख्यक समाज से संबंधित जो लोग और कार्यकर्ता पार्टी के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं, कांग्रेस पार्टी उनका पूरा मान-सम्मान करेगी। पार्टी के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी, ताकि पंजाब में अल्पसंख्यक विभाग और भी मजबूत होकर उभरे।”

