No menu items!
Friday, April 17, 2026
spot_img

Latest Posts

सिर्फ दिखावा नहीं, अब भारत के भविष्य को संवारने में सीधी भूमिका चाहती हैं महिलाएं: किरण बेदी

नई दिल्ली । महिला आरक्षण संशोधन बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) को लेकर देशभर में चर्चा तेज है। इसी बीच पूर्व आईपीएस अधिकारी और दिल्ली की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। उनका कहना है कि महिलाएं चुनाव में एक निर्णायक शक्ति हैं। सिर्फ दिखावटी तौर पर उन्हें खुश करना काफी नहीं, अब वे भारत के भविष्य को संवारने में अपनी सीधी भूमिका चाहती हैं। पूर्व आईपीएस अधिकारी और दिल्ली की पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने इस मुद्दे पर अपनी राय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की। उन्होंने कहा कि अगर संसद इस महिला आरक्षण बिल को पास करने में चूक जाती है, तो महिला मतदाता उन दलों का समर्थन कर सकती हैं जो 2029 की संसद और राज्य विधानसभाओं में एक-तिहाई महिला प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने का वादा करेंगे। उनके अनुसार, आज की महिला मतदाता अब सिर्फ वादों से संतुष्ट नहीं होती, बल्कि वे ठोस बदलाव चाहती हैं। किरण बेदी का कहना है कि महिलाएं अब चुनावी राजनीति में एक निर्णायक शक्ति बन चुकी हैं। महिलाओं को केवल प्रतीकात्मक रूप से खुश करना काफी नहीं है, बल्कि उन्हें असली फैसले लेने की प्रक्रिया में शामिल करना जरूरी है। उनके अनुसार, देश के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए महिलाओं की सीधी और सक्रिय भूमिका बेहद अहम है।

इससे पहले आईएएनएस से एक बातचीत में उन्होंने यह भी कहा था कि लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं की संख्या बढ़ने से समाज की जरूरतों को देखने का नजरिया और ज्यादा व्यापक हो जाएगा। जब निर्णय लेने वाली संस्थाओं में महिलाएं ज्यादा होंगी, तो नीतियां भी ज्यादा संतुलित और व्यावहारिक बनेंगी।
उन्होंने यह भी कहा था कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से सिर्फ राजनीतिक संतुलन ही नहीं बनेगा, बल्कि समाज में सुरक्षा की भावना भी मजबूत होगी। साथ ही, इससे विकास की प्रक्रिया और ज्यादा समावेशी बन सकेगी, जहां हर वर्ग की जरूरतों को ध्यान में रखा जाएगा।

Latest Posts

spot_imgspot_img

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.