नई दिल्ली। लोकसभा में नारी शक्ति वंदन समेत 3 बिल पर बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा “पहली सच्चाई यह है कि यह महिलाओं से जुड़ा बिल नहीं है। इसका महिलाओं के सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है। यह भारत के चुनावी नक्शे को बदलने की एक कोशिश है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने महिला रिज़र्वेशन और डिलिमिटेशन पर कहा, “प्रधानमंत्री और मेरे बीच कोई दिक्कत नहीं है। “महिलाएं हमारे देश की सोच में एक ड्राइविंग फ़ोर्स हैं। हम सभी ने अपनी ज़िंदगी में महिलाओं से बहुत कुछ सीखा है, उनसे बहुत कुछ सीखा है। राहुल गांधी ने शुक्रवार को लोकसभा में कहा, ‘यह महिला आरक्षण बिल उन्हें सशक्त नहीं बनाएगा। यह शेमफुल कानून है, पुराना कानून लाओ हम समर्थन देंगे। यह सिर्फ भारत के निर्वाचन क्षेत्र के नक्शे को बदलने के लिए है। यह शेमफुल कानून है।
उन्होंने कहा, ‘पूरा विपक्ष कह रहा है कि पुराना कानून लाओ हम समर्थन देंगे, लेकिन इस वाले को नहीं।’ यह असली सच है जो में बता रहा हूं। भारत के इतिहास में सबसे कड़वा सच है। मैं इसके बारे में सब जानता हूं। यह ओबीसी, दलित वर्गों के लिए क्रूरता वाला बिल है। सभी जानते हैं कि ओबीसी, दलित और महिलाओं के साथ क्या होता है।’

