AI समिट में पहुंचे ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की. दोनों ही देशों ने आपसी व्यापार को दोगुना करने और मल्टीलेटरलिज्म को मजबूत करने पर जोर दिया.
भारत और ब्राजील में शनिवार को ऐतिहासिक ट्रेड डील हुई है. साथ ही दोनों देश 2030 तक आपसी व्यापार को दोगुना, करीबन 30 बिलियन डॉलर करने पर सहमत हुए हैं. इनके अलावा जरूरी मिनरल्स और स्टील सप्लाई चेन में सहयोग के लिए भी एग्रीमेंट साइन किए गए हैं. दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्ष पीएम नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने अपनी बातचीत में मल्टीलेटरलिज्म को मजबूत करने और इसपर ध्यान देने को लेकर सहमति जताई है.
लूला 300 बिजनेस प्रतिनिधियों के डेलीगेशन के साथ भारत आए. इस दौरान उन्होंने एआई समिट में शिरकत करने के बाद पीएम मोदी के साथ दोनों देशों के आपसी रिश्तों को मजबूती देने और इसे रिव्यू करने को लेकर मुलाकात की. दरअसल, दोनों देश पर अमेरिका की तरफ से 50% टैरिफ लगाने का फैसला किया था. यह दुनिया का सबसे ज्यादा टैरिफ था, जिसे किसी देश पर लगाया गया था.
दोनों देश के नेताओं ने ज्वाइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा है?
इसके अलावा दोनों देशे के बीच रक्षा-सुरक्षा, तेल और गैस, हेल्थकेयर और डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे एरिया में सहयोग बढ़ाने का भी वादा किया. साथ ही वैश्विक स्तर पर स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप की जरूरत पर भी जोर दिया. पीएम मोदी और राष्ट्रपति सिल्वा ने एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की. इसमें उन्होंने कहा, ब्राजील लैटिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है. हम अगले पांच सालों में बाइलेटरल ट्रेड को 20 बिलियन डॉलर से आगे ले जाने के लिए वचनबद्ध हैं. यह एक ट्रेड का आंकड़ा नहीं, भरोसे की झलक है.
पिछले कुछ साल में दोनों देशों के बीच ट्रेड डील में हुई बढ़ोतरी
दोनों देशों के बीच हुआ ट्रेड 15 बिलियन डॉलर से ज्यादा हो गया है. यह 2024 से 25% ज्यादा है. विदेश मंत्रालय में सेक्रेटरी (ईस्ट) पी कुमारन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि दोनों नेता इस बात पर सहमत हुए कि 2030 तक ट्रेड कम से कम दोगुना होकर $30 बिलियन हो जाना चाहिए.
इसके अलावा दोनों देशों ने यूएस ट्रेड पॉलिसी और प्रेसीडेंट डोनाल्ड ट्रंप के बड़े टैरिफ को खत्म करने के यूएस सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर भी चर्चा की है. इसके अलावा लूला ने कहा है कि IT,AI, बायोटेक्नोलॉजी और स्पेस में भारत की काबिलियत के नए मौके बनाए हैं. इसके अलावा पीएम मोदी ने रेयर अर्थ मिनरल्स पर हुए समझौते को मजबूत सप्लाई चेन बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है. असल में भारत सरकार चीन पर निर्भरता कम करने को लेकर रेयर अर्थ्स मिनरल्स के नए सप्लायर की तलाश कर रही है.
दोनों देश मल्टीलेटरलिज्म और शांति का समर्थन करते हैं: नरेंद्र मोदी
दोनों देशों के बीच इंडिया-मर्कोसुर प्रेफरेंशियल ट्रेड एग्रीमेंट (PTA) पर भी चर्चा की. इससे दोनों देशों का इकोनॉमिक कोऑपरेशन और गहरा होगा. पीएम मोदी ने कहा है कि हम दोनों ही बहुत अलग-अलग तरह के देश हैं. हम दोनों ही मल्टीलेटरलिज्म और शांति का समर्थन करते हैं. दोनों देश का मानना है कि आतंकवाद और उसके समर्थक पूरी इंसानियत के दुश्मन हैं. ब्राजील के राष्ट्रपति ने कश्मीर में हुए हमले को भी गलत बताया है. साथ ही दोनों देशों ने यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध को खत्म करने पर भी एकमत जाहिर किया है.

