
उत्तराखंड पेपर लीक कांड: सेक्टर मजिस्ट्रेट निलंबित, SIT करेगी जांच
उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तर की परीक्षा में पेपर लीक मामले ने तूल पकड़ लिया है। सरकार ने इस गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं जिला ग्रामीण विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक के.एन. तिवारी को निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई तब हुई जब परीक्षा के महज आधे घंटे बाद ही प्रश्न पत्र के तीन पेज परीक्षा केंद्र से बाहर भेजे जाने की पुष्टि हुई। वित्तीय सचिव दिलीप जावलकर ने निलंबन आदेश जारी करते हुए कहा कि परीक्षा में सुचिता बनाए रखने की जिम्मेदारी तिवारी की थी, लेकिन वह इसमें विफल रहे। उनकी प्रथम दृष्टया लापरवाही सामने आई है।
हरिद्वार परीक्षा केंद्र में हुई इस चूक के बाद आयोग ने सरकार को कार्रवाई के लिए पत्र लिखा था। इसमें साफ तौर पर उल्लेख किया गया था कि पेपर केंद्र से बाहर जाना गंभीर लापरवाही का मामला है और संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
सरकार ने मामले की गहराई से जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है। यह टीम एक महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्पष्ट कर दिया है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बहाल करने और युवाओं के साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए पूरी सख्ती से कदम उठा रही है।

