पंजाब भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने आज पंजाब लोक सेवा आयोग (PPSC) द्वारा विवादित PCS (मेन्स) परीक्षा के परिणामों को लेकर दिए गए स्पष्टीकरण को सिरे से खारिज करते हुए इसे राजनीतिक प्रभावशाली लोगों को बचाने के लिए दी गई ‘स्वयं को क्लीन चिट’ करार दिया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार की भर्ती प्रणाली पूरी तरह समझौता-ग्रस्त हो चुकी है और प्रतियोगी परीक्षाओं को ऐसे गोरखधंधे में बदल दिया गया है, जहां योग्यता और मेरिट की बलि दी जा रही है।
PPSC के चेयरमैन द्वारा अनियमितताओं के आरोपों को ‘आंकड़ों की गलत व्याख्या’ बताकर खारिज करने संबंधी बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए ढिल्लों ने कहा कि जब किसी संस्था पर गंभीर आरोप लगे हों, तो वह खुद अपने कामकाज की जांच करके स्वयं को निर्दोष घोषित नहीं कर सकती।
उन्होंने कहा, “जिस पर आरोप लगे हों, वह खुद जज कैसे बन सकता है? PPSC द्वारा अपने बचाव में दिया गया आंतरिक स्पष्टीकरण केवल एक सुनियोजित लीपापोती है। गणित के आंकड़ों के साथ कितनी भी हेराफेरी कर ली जाए, पंजाब के युवाओं को यह विश्वास नहीं दिलाया जा सकता कि एक ही परीक्षा केंद्र के एक ही हॉल से 10 से 11 उम्मीदवारों का सफल होना और लगातार रोल नंबर वाले उम्मीदवारों के समूहों का PCS मेन्स जैसी विश्लेषणात्मक एवं वर्णनात्मक परीक्षा पास करना महज संयोग है। यदि सब कुछ पारदर्शी और निष्पक्ष था, तो आयोग स्वतंत्र फॉरेंसिक ऑडिट से क्यों घबरा रहा है?”
PCS विवाद को राज्य में भर्ती प्रक्रिया की समग्र विश्वसनीयता से जोड़ते हुए ढिल्लों ने मुख्यमंत्री को फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती परीक्षा के विवादित मामले की याद दिलाई। इस परीक्षा के दौरान वायरलेस जासूसी उपकरणों, छिपे हुए पेन कैमरों और रियल-टाइम डिक्टेशन के जरिए नकल करवाने वाले एक संगठित अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ था, जिसमें दर्जनों गिरफ्तारियां हुई थीं और बाद में हाईकोर्ट को भी हस्तक्षेप करना पड़ा था।
ढिल्लों ने कहा, “पहले फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती परीक्षा में सरकारी नौकरियों को मानो बिक्री के लिए रख दिया गया था, जहां हाईटेक नकल के उपकरणों और पेपर लीक माफिया का बोलबाला था। अब पंजाब की सबसे प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा भी उसी तरह के संदेह और विवादों के घेरे में है। यह कोई एक बार हुई लापरवाही नहीं, बल्कि आम आदमी पार्टी के शासन में भ्रष्टाचार का लगातार दोहराया जा रहा पैटर्न है, जिसने लाखों मेहनती और शिक्षित युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस और मेरिट आधारित भर्तियों के बड़े-बड़े दावे पूरी तरह खोखले साबित हो रहे हैं।”
पंजाब भाजपा के अध्यक्ष ने पार्टी की मांगों को दोहराते हुए कहा कि विवादित PCS मेन्स चयन प्रक्रिया और निर्धारित इंटरव्यू को निष्पक्ष जांच पूरी होने तक तत्काल स्थगित किया जाना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि PCS मेन्स में कथित अनियमितताओं और फार्मेसी अधिकारियों की भर्ती सहित अन्य भर्ती घोटालों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए और यह जांच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट की सीधी निगरानी में करवाई जाए। सभी परीक्षा केंद्रों की CCTV फुटेज, बायोमेट्रिक उपस्थिति के समय का रिकॉर्ड, निरीक्षकों की बैठने संबंधी जानकारी और मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाएं स्वतंत्र फॉरेंसिक जांच के लिए उपलब्ध करवाई जाएं।
ढिल्लों ने ऐलान किया कि भाजपा आम आदमी पार्टी की सरकार को पंजाब के युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं करने देगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने विवादों में घिरी भर्ती प्रक्रिया को रोककर निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं की, तो भाजपा प्रभावित उम्मीदवारों के साथ सड़कों पर उतरकर न्याय की मांग के लिए संघर्ष करेगी।

