ऑस्ट्रेलिया में भारतीय प्रवासियों पर लगातार हमले जारी हैं. मेलबर्न के जिलॉन्ग में हुए एक नस्लीय हमले में 22 वर्षीय सिख नर्स हरमनप्रीत सिंह की नाक टूट गई.
ऑस्ट्रेलिया में एंटी इमिग्रेशन प्रोटेस्ट के महीनों बाद भी भारतीय प्रवासियों पर लगातार हमले जारी हैं. हाल ही में मेलबर्न के जिलॉन्ग में एक नस्लीय हमला सामने आया, जिसमें 22 वर्षीय सिख नर्स की नाक टूट गई. ये घटना मंगलवार (17 फरवरी) की रात कोरियो के एक जिम में हुई.
पीड़ित हरमनप्रीत सिंह ने बताया कि रात करीब 11 बजे जब वो जिम में ट्रेनिंग कर रहे थे, तब तीन लोगों ने उन्हें घेर लिया और उनके साथ गाली-गलौज की. हरमनप्रीत को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि उनके साथ क्या होने वाला है. जैसे ही वो जिम से बाहर निकले तो उन्होंने देखा कि तीनों लोग बाहर उनका इंतज़ार कर रहे थे.
पीड़ित हरमनप्रीत ने क्या बताया
हरमनप्रीत ने बताया कि उन्हें “कुत्ता” कहकर बुलाया गया और “वापस वहीं चले जाओ जहां से आए हो” कहा गया. थोड़ी देर बाद उनमें से एक आदमी ने अपना सिर हरमनप्रीत की नाक पर दे मारा और बहुत खून बहने लगा. पीड़ित ने ऑस्ट्रेलियाई मीडिया 9News को बताया कि वह मेरे चेहरे के बहुत करीब आ गया और फिर अचानक पीछे हटकर अपना सिर मेरी नाक पर दे मारा. इसके बाद तीनों मौके से फरार हो गए.
घायल हरमनप्रीत को स्थानीय लोगों ने अस्पताल पहुंचाया. मीडिया से बात करते हुए नर्स ने बताया कि पीड़ित इस घटना और दुर्व्यवहार से अभी भी सदमे में है. उन्होंने आगे कहा, “कोई भी यह सुनना नहीं चाहता. खासकर तब जब आप अपने काम में लगे हों.”
‘पूरा परिवार इस घटना से सदमे में’
ऑस्ट्रेलिया में हरमनप्रीत के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार का यह पहला मामला नहीं है. हालांकि इस घटना का उन पर मानसिक रूप से गहरा असर पड़ा है. सिख युवक की बहन खुशी कौर ने बताया कि पूरा परिवार इस घटना से बुरी तरह सदमे में है. हरमनप्रीत ने कहा कि मैं खुद को मजबूत रखने की कोशिश करता हूं, ऐसी बातों की परवाह नहीं करता, लेकिन फिर भी दुख होता है. उन्होंने आगे कहा कि मुझे नहीं पता कि मैं जिम वापस जा पाऊंगा या नहीं. इस घटना के बाद मुझे सुरक्षित महसूस नहीं होगा.

