Punjab News: पंजाब में अगले कुछ दिन घने कोहरे और शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. कई जिलों में दृश्यता घटेगी और तापमान शून्य के करीब पहुंच गया है. तेज हवाओं के चलते ठंड से राहत की उम्मीद नहीं है.
Punjab News: पंजाब में मौसम विभाग ने कुछ दिनों के लिए घने कोहरे और शीतलहर का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. इस दौरान पठानकोट, होशियारपुर, नवांशहर, रूपनगर और मोहाली के कुछ इलाकों में घना कोहरा छाया रह सकता है. गुरदासपुर, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला के कुछ हिस्सों में घने से बहुत घने कोहरे की संभावना है.
इन इलाकों में पड़ सकता है घना कोहरा
अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला और जालंधर के कुछ इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा या शीतलहर चलने की संभावना है. फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा और मानसा के कुछ हिस्सों में भी घना कोहरा या शीतलहर रह सकती है. वहीं चंडीगढ़ में भी कोहरा छाया रहने का अनुमान है.
पंजाब के प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान काफी कम दर्ज किया गया है. लुधियाना में 4.0 डिग्री, पटियाला में 3.5 डिग्री और बठिंडा में सबसे कम 0.8 डिग्री तापमान रहा. फरीदकोट में 1.0 डिग्री, गुरदासपुर में 4.4 डिग्री और एसबीएस नगर में 3.4 डिग्री तापमान दर्ज किया गया. फिरोजपुर में 1.6 डिग्री, मानसा में 3.9 डिग्री, अमृतसर में 2.4 डिग्री और रूपनगर में 4.3 डिग्री तापमान रहा. एक डिग्री से भी नीचे न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया है.
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक पहाड़ों में हुई बर्फबारी के कारण मैदानी इलाकों का तापमान काफी कम हो गया है. पंजाब के बठिंडा में न्यूनतम तापमान सबसे कम 0.8 डिग्री दर्ज किया गया. इसके अलावा फरीदकोट में अधिकतम तापमान 17.2 डिग्री रहा. कल के मुकाबले आज राज्य में औसत अधिकतम तापमान में 0.2 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि दर्ज की गई है, हालांकि यह अभी भी सामान्य तापमान से 3.6 डिग्री कम बना हुआ है.
तेज हवाओं की चेतावनी
सोमवार को भी कई जिलों में तेज हवाएं चलेंगी. जिस कारण मौसम में कोई बड़ी तब्दीली नजर नहीं आ रही है. पश्चिमी विक्षोभ, जो जम्मू और आसपास के पाकिस्तान के ऊपर एक कम दबाव वाले क्षेत्र के रूप में मौजूद था, अब समुद्र तल से 3.1 से 7.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर चक्रवाती चक्र के रूप में दिखाई दे रहा है.
उत्तरी पंजाब और आसपास के इलाकों में समुद्र तल से लगभग 1.5 किलोमीटर की ऊंचाई पर एक प्रेरित चक्रवाती घूर्णन बना हुआ है. जम्मू और उसके आसपास के पाकिस्तान के इलाकों पर कम दबाव क्षेत्र से जुड़ी चक्रवाती घूर्णन से उत्तर-पूर्वी अरब सागर तक फैली धूल अब काफी हद तक कमजोर पड़ गई है.

