
धनबाद में अवैध कोयला खदान के धंसने से दो लोगों की मौत हो गई और एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया है। हादसे के बाद बचाव दल ने राहत कार्य तेज कर दिया है, लेकिन स्थानीय लोग प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं। वे अवैध खदानों पर नियंत्रण न रखने और सुरक्षा इंतजामों की कमी को हादसे की मुख्य वजह बता रहे हैं। घटनास्थल पर प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी के बीच बचाव कार्य जारी है।
धनबाद जिले के निरसा थाना क्षेत्र के चापापुर ओसीपी में एक बड़ा हादसा घटित हुआ है। अवैध कोयला उत्खनन के दौरान खदान अचानक धंस गई, जिसमें दो लोगों की मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को परिजनों ने तुरंत शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएनएमएमसीएच), धनबाद पहुंचाया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि अभी भी कम से कम पांच लोग मलबे के नीचे दबे होने की संभावना है।
घटना के तुरंत बाद गुस्साए ग्रामीण और परिजन मौके पर इकट्ठा हो गए और खुद ही राहत-बचाव कार्य में जुट गए। बताया जा रहा है कि यह हादसा सुबह के वक्त हुआ, जब दर्जनों लोग अवैध तरीके से कोयला निकालने के लिए खदान में उतरे थे। अचानक मिट्टी खिसकने से कई लोग खदान के अंदर फंस गए।
अस्पताल में घायल की हालत गंभीर
हादसे में घायल व्यक्ति को जब शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसएनएमएमसीएच) लाया गया, तो परिजन और ग्रामीणों की भारी भीड़ जुट गई। अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। डॉक्टरों ने बताया कि घायल की हालत नाजुक है और उसका इलाज जारी है।
पुलिस ने शुरू की जांच और बचाव अभियान
निरसा थाना की पुलिस ने घटना की सूचना मिलते ही तुरंत टीम को मौके पर भेजा और बचाव कार्य शुरू कर दिया। हालांकि, अभी तक मलबे में फंसे लोगों की सटीक संख्या का पता नहीं चल पाया है। पुलिस ने कहा है कि पूरी जांच की जाएगी और इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, मलबे में दबे लोगों की तलाश जारी है।
हादसे के बाद इलाके में पसरी दहशत
इस हादसे ने पूरे इलाके में भय और दहशत फैलाई है। ग्रामीण खदान के आसपास जाने से डर रहे हैं। मृतकों के परिवार वाले गहरे सदमे में हैं और लगातार रो रहे हैं। स्थानीय लोग प्रशासन से आग्रह कर रहे हैं कि अवैध खनन पर कड़ी रोक लगाई जाए ताकि भविष्य में इस तरह के दर्दनाक हादसे न हों।

