
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने सोशल मीडिया पर प्रश्नपत्रों की चर्चा और विश्लेषण करने वालों को चेतावनी दी है। इस प्रक्रिया को अपनाने पर उम्मीदवारों और संस्थानों को जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।कर्मचारी चयन आयोग (SSC) ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हाल ही में, आयोग ने एक नोटिस जारी किया है जिसमें स्पष्ट किया गया है कि जो भी व्यक्ति या संगठन परीक्षा के प्रश्न पत्रों पर सोशल मीडिया पर चर्चा, विश्लेषण या सामग्री साझा करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। आयोग ने इस प्रकार की गतिविधियों को पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया है और इसे करने वाले व्यक्तियों को जेल और भारी जुर्माना का सामना करना पड़ सकता है।
क्या कहा गया नोटिस में?
नए कानून के अनुसार, उन लोगों को सख्त सजा मिलेगी जो नियमों का उल्लंघन करते हैं. किसी व्यक्ति को दोषी पाया जाने पर, 3 से 5 साल की कैद और 10 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. संस्थानों पर 1 करोड़ रुपये तक का जुर्माना और ब्लैकलिस्ट और भविष्य की परीक्षाओं से बाहर करने जैसी कार्रवाई की जाएगी. संगठित अपराध की स्थिति में, 5 से 10 साल की कैद और कम से कम 1 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा.
क्यों उठाया गया यह कदम?
हाल ही में, एसएससी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र और विश्लेषण सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किए जा रहे थे। इसके फलस्वरूप, परीक्षा की गोपनीयता और निष्पक्षता पर सवाल उठने लगे थे। कई उम्मीदवारों ने इस पर शिकायत भी दर्ज कराई थी कि इस तरह के कार्यवाही से ईमानदारी से पढ़ने वाले छात्रों को नुकसान हो रहा था। इसी कारण आयोग ने अब सख्ती से यह निर्देश जारी किया है कि किसी भी प्रकार के पेपर डिस्कशन को सोशल मीडिया पर स्वीकार्य नहीं माना जाएगा।
क्या नहीं करना चाहिए उम्मीदवारों को?
परीक्षा समाप्त होने के बाद भी प्रश्नपत्र या उसके सवाल सोशल मीडिया पर साझा न करें।
कोचिंग क्लास या यूट्यूब चैनलों पर पेपर एनालिसिस का हिस्सा न बनें।

