No menu items!
Thursday, February 5, 2026
spot_img

Latest Posts

वैश्विक अनिश्चितता के बावजूद रुपये की मजबूती, डॉलर के मुकाबले दिखाई दमदार बढ़त

भारतीय मुद्रा में इस साल अब तक 2.76 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली है। इसके बाद यह एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा में शामिल है।भारतीय रुपया पिछले कुछ दिनों में काफी कमजोर हो गया है। पिछले हफ्ते इसमें एक ऐतिहासिक गिरावट भी देखने को मिली थी। हालांकि, उसके बाद भारतीय मुद्रा ने खुद को संभाल लिया है। मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान रुपया घरेलू बाजार में 25 पैसे की मजबूती के साथ ऊपर उठा और कमजोर हुए अमेरिकी डॉलर के साथ मुकाबले 88.01 के स्तर पर पहुंच गया।

रुपये में क्यों तेजी?

इस साल अब तक भारतीय मुद्रा में 2.76 प्रतिशत की कमी देखने को मिली है। इसके बाद यह एशिया की सबसे खराब प्रदर्शन करने वाली मुद्रा में शामिल है। रुपया पिछले हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को 88.27 के स्तर पर खुला था। लेकिन बाजार के जानकारों को उम्मीद थी कि मंगलवार को रुपये में मजबूती बनी रहेगी। हालांकि, उसके बावजूद अमेरिका के भारी भारकम टैरिफ और वैश्विक अनिश्चितता के चलते रुपये के ऊपर दबाव बना हुआ है। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के हेड ऑफ ट्रेजरी और एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर अनिल कुमार भंसाली का कहना है कि हाल में भारतीय रुपये में ऐतिहासिक कमी के बीच रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के दखल की उम्मीद बढ़ी है, ताकि उसकी कमी को कम किया जा सके.

क्या आरबीआई देगा दखल?

उन्होंने आगे कहा कि सिर्फ इस महीने ही रुपये में पिछले महीने के मुकाबले 0.34 प्रतिशत की गिरावट आई है। इस बीच जहां एक तरफ केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संकेत दिया है कि इस साल नवंबर तक टैरिफ पर नया प्रस्ताव आ सकता है, वहीं दूसरी तरफ केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कहना है कि सरकार रुपये की बेहद करीब से निगरानी कर रही है और निर्यातकों की मदद के लिए कदम उठाने की तैयारी कर रही है। दूसरी तरफ मंगलवार को एक तरफ जहां शेयर बाजार में तेजी देखी गई तो वहीं दूसरी तरफ सोना ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया.

Latest Posts

spot_imgspot_img

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.