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Thursday, February 5, 2026
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UP समाचार: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने कॉलोनाइजरों पर शिकंजा दिया है, इस मांग को लेकर बैंकों को पत्र लिखा गया।

यूपी समाचार: ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों को पत्र भेजकर चेतावनी दी है कि उन्हें बिना स्वीकृत नक्शे और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के किसी भी प्लॉट पर ऋण न देना है।ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने अपने अधिसूचित क्षेत्र में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। अब उन्होंने आर्थिक मोर्चे पर भी कदम उठाया है और भू माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजरों के मंसूबों को रोकने के लिए सभी बैंकों के क्षेत्रीय प्रबंधकों को चेतावनी दी है। प्राधिकरण ने उन्हें स्पष्ट किया है कि वे किसी भी प्लॉट पर लोन न दें जिसके लिए सही स्वीकृत नक्शा और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं है।

महाप्रबंधक (परियोजना) ए.के. सिंह ने बताया कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि लोगों को अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से रोका जा सके और कॉलोनाइजरों की अवैध गतिविधियों पर लगाम लगे। प्राधिकरण के अनुसार अधिसूचित क्षेत्र में कृषि भूमि पर छोटे-छोटे प्लॉट बनाकर बिना वैध अनुमति के कॉलोनियां काटी जा रही हैं, जो मास्टर प्लान के नियमों के खिलाफ है।


NOC और अधिकृत नक्शे के बगैर न दिया जाए लोन

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण ने पहले ही एनपीसीएल को पत्र भेजकर अवैध कॉलोनियों को बिजली कनेक्शन न देने और पंजीकरण विभाग को कृषि भूमि की आवासीय रजिस्ट्री पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं. अब बैंकों को ऋण (Loan) न देने की अपील के साथ यह सख्ती और तेज कर दी गई है. पत्र में कहा गया है कि बगैर अधिकृत नक्शा और एनओसी के किसी भी प्लॉट के लिए ऋण स्वीकृत नहीं किया जाना चाहिए.

ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के अधिसूचित क्षेत्र में कुल 264 गांव आते हैं, जिसमें फेस-1 के 124 और फेस-2 के 140 गांव शामिल हैं. मास्टर प्लान के अनुसार इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का विकास, चाहे वह औद्योगिक हो, आवासीय हो या संस्थागत– प्राधिकरण की पूर्व अनुमति के बिना नहीं किया जा सकता.

कृषि भूमि को केवल कृषि कार्यों के लिए उपयोग किया जाना चाहिए।

प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन जमीनों का उपयोग खसरा-खतौनी में कृषि के रूप में दर्ज है, उनकी रजिस्ट्री भी केवल उसी प्रयोजन के लिए की जाए। इससे अवैध कॉलोनियों को वैधता मिलने की संभावना समाप्त होगी और भूमाफिया की मंशा विफल होगी।

यह कदम न केवल अवैध निर्माण को रोकने में मदद करेगा, बल्कि आम लोगों को भी फर्जी निवेश से बचाएगा. प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी भूमि या प्लॉट की खरीद से पहले प्राधिकरण से वैधता की पुष्टि अवश्य करें, अन्यथा उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है. ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की यह पहल अधिसूचित क्षेत्र में सुनियोजित विकास और स्वच्छ शहरी नियोजन की दिशा में एक ठोस प्रयास माना जा रहा है.

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