No menu items!
Tuesday, March 10, 2026
spot_img

Latest Posts

पश्चिम बंगाल में भयमुक्त होंगे चुनाव, लापरवाही पर जिम्मेदारों के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई – ज्ञानेश कुमार

कोलकाता,। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ मिलकर कोलकाता में आगामी पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनावों के लिए तैयारियों की विस्तृत और व्यापक समीक्षा की। इसके बाद मंगलवार को प्रेस कांफ्रेंस कर एसआईआर सहित चुनाव से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “भारत निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल के सभी मतदाताओं को आश्वासन दिलाता है कि आगामी चुनाव हिंसा और भय से मुक्त वातावरण में संपन्न होंगे। सभी मतदाता निश्चित रूप से मतदान करने के लिए बाहर आएं।” ज्ञानेश कुमार ने कहा, “मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि वोटर लिस्ट लोकतंत्र की आधारशिला है। कोई भी पात्र मतदाता छूटना नहीं चाहिए, लेकिन किसी भी अपात्र व्यक्ति को मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाना चाहिए। हाल ही में 28 फरवरी को पश्चिम बंगाल की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसमें कुल 7 करोड़ 8 लाख नाम हैं।”
मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया, “गणना प्रपत्र प्राप्त होने के बाद यह पाया गया कि जब पिछली बार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) किया गया था तो लगभग 4-5 फीसदी मतदाताओं का मिलान 2002 की मतदाता सूचियों से नहीं हो पाया था। इन्हें ‘अमान्य मामले’ के रूप में वर्गीकृत किया गया। इसके अतिरिक्त लगभग 7-8 फीसदी मतदाताओं ने अपना मिलान स्वयं किया था, लेकिन या तो गलत तरीके से या संदिग्ध त्रुटियों के साथ, जो जानबूझकर या अनजाने में हो सकती हैं।”
ज्ञानेश कुमार ने कहा, “चुनाव कर्मचारियों की सख्ती के संबंध में चुनाव आयोग मीडिया के माध्यम से प्रत्येक मतदाता, विशेष रूप से पश्चिम बंगाल के मतदाताओं को आश्वस्त करना चाहता है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी स्तरों पर प्रत्येक अधिकारी चुनाव आयोग के कानूनों, नियमों और निर्देशों के अनुसार कार्य करेगा। यदि कोई लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
मुख्य चुनाव ने कहा “विचाराधीन नामों के संबंध माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार और पश्चिम बंगाल के मुख्य न्यायाधीश की देखरेख में चल रही है। न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति पहले ही हो चुकी है और वे अनुच्छेद 326 के अनुसार मतदाताओं की पात्रता पर निर्णय ले रहे हैं। जहां तक ​​मतदाता सूची का संबंध है, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम और विशेष गहन पुनरीक्षण के आदेशों के अनुसार अंतिम सूची 28 फरवरी को प्रकाशित की गई थी।”
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, “पिछले दो दिनों में हमने राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा की है। राष्ट्रीय और राज्य स्तर की सभी राजनीतिक पार्टियों, मुख्य सचिव के नेतृत्व वाली राज्य सरकार, सभी जिला कलेक्टरों, पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिदेशक और सभी एसपी ने चुनाव आयोग को आश्वासन दिया है कि पश्चिम बंगाल में आगामी चुनाव शांतिपूर्ण ढंग से, हिंसा और धमकी से मुक्त होकर संपन्न किए जाएंगे।”

Latest Posts

spot_imgspot_img

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.