बाराबंकी के देवा शरीफ में 100 साल से होली खेली जा रही है, जहां हर मजहब के लोग एक साथ इस पर्व का जश्न मनाते हैं। “जो रब है वही राम” के उद्घोष के साथ मजार पर सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की जाती है। यहां लड़कियां रंगों में रंगी हुई डांस करती हैं, जबकि भक्त कव्वाली गाकर इस आयोजन की रौनक बढ़ाते हैं, जो भाईचारे और एकता का प्रतीक है

