
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने यूट्यूबर और पॉडकास्टर रणवीर इलाहाबादिया को इंडियाज गॉट लेटेंट’ में की गई अश्लील टिप्पणियों के मामले में राहत प्रदान की है। सुप्रीम कोर्ट ने रणवीर इलाहाबादिया को ‘द रणवीर शो’ फिर से शुरू करने की अनुमति दे दी है, बशर्ते कि वह यह वचन दें कि उनके पॉडकास्ट शो नैतिकता और शालीनता के वांछित मानकों को बनाए रखेंगे ताकि किसी भी आयु वर्ग के दर्शक इसे देख सकें।सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उन्हें अपना शो फिर से शुरू करने की अनुमति है क्योंकि 280 कर्मचारियों की आजीविका उनके शो के प्रसारण पर निर्भर करती है।
सुप्रीम कोर्ट के नोट में अटॉर्नी जनरल और सॉलिसिटर जनरल ने कहा की ऐसे कार्यक्रमों के प्रसारण या प्रसारण को रोकने के लिए कुछ नियामक की आवश्यकता हो सकती है जो हमारे समाज के ज्ञात नैतिक मानकों के संदर्भ में स्वीकार्य नहीं हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल से कहा कि वे विचार-विमर्श करें और कुछ ऐसे उपाय सुझाएं जो अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का हनन न करें बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त प्रभावी हों कि यह 19(4) के दायरे में रहे।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस संबंध में कोई भी मसौदा नियामक उपाय सार्वजनिक डोमेन में रखा जा सकता है ताकि इस संबंध में कोई भी विधायी या न्यायिक उपाय करने से पहले हितधारकों से सुझाव आमंत्रित किए जा सकें।
सुप्रीम कोर्ट ने असम के जांच अधिकारी को इलाहाबादिया को जांच में शामिल करने के लिए तारीख और समय तय करने को कहा।विदेशी देशों में अतिथि के रूप में विदेश यात्रा की अनुमति देने की अल्लाहबादिया की प्रार्थना के संबंध में, सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि जांच में शामिल होने के बाद इस प्रार्थना पर विचार किया जाएगा और अब उक्त उद्देश्य के लिए इसकी आवश्यकता नहीं है।सुप्रीम कोर्ट ने आगे कहा कि उन्हें गिरफ्तारी से दी गई अंतरिम सुरक्षा जारी रहेगी।सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट कर दिया है कि कोई भी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष शो आयोजित नहीं किया जा सकता है जिसका मामले की योग्यता पर असर पड़ता हो।

