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Sunday, May 10, 2026
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श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा ने तमिलनाडु के सीएम विजय को दी बधाई, मजबूत ऐतिहासिक संबंधों पर दिया जोर

कोलंबो: तमिल वेत्री कझगम के प्रमुख सी जोसेफ विजय ने रविवार को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ग्रहण की। इस मौके पर श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके ने रविवार को एक्टर और टीवीके प्रमुख विजय को बधाई दी। उन्होंने कहा कि वह और भी करीबी संबंध और मजबूत साझेदारी बनाने के लिए साथ मिलकर काम करने के लिए उत्सुक हैं। श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट में लिखा, “सी. जोसेफ विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ लेने पर बधाई। श्रीलंका और तमिलनाडु इतिहास, संस्कृति, उद्योग और पीढ़ियों से लोगों के बीच लंबे समय तक चलने वाले संबंधों से जुड़े हुए हैं।” उन्होंने आगे कहा, “हमारे भविष्य में बहुत ज्यादा आर्थिक उम्मीदें और अवसर हैं, क्योंकि श्रीलंका और भारत लगातार करीबी संबंध और एक मजबूत साझेदार बना रहे हैं। मैं मजबूत भारत-श्रीलंका साझेदारी के तहत, ज्यादा खुशहाली और तरक्की के लिए मिलकर काम करने का इंतजार कर रहा हूं। श्रीलंका के लोग मेरे साथ मिलकर आपको और तमिलनाडु के लोगों को हर सफलता की दुआ करते हैं।”
विजय ने रविवार को शपथ ली और इसके साथ ही द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के लगभग छह दशकों के बारी-बारी शासन का अंत हुआ।
राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने यहां जवाहरलाल नेहरू इंडोर स्टेडियम में हुए एक बड़े समारोह में विजय को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। नई मंत्रिपरिषद में उनके साथ नौ मंत्रियों ने भी शपथ ली।
बता दें, भारत और श्रीलंका के बीच कूटनीतिक और सांस्कृतिक दृष्टि से बेहद गहरा संबंध है। इसके साथ ही नेबरहुड फर्स्ट के तहत भारत हमेशा श्रीलंका की मदद करने के लिए तैयार रहता है। वहीं तमिलनाडु और श्रीलंका में बीच एक गहरा सांस्कृतिक जुड़ाव है। खासतौर से तमिल भाषा दोनों को जोड़ने वाली अहम कड़ी है।
श्रीलंका में लगभग 18 फीसदी आबादी ऐसी है, जो तमिल भाषा बोलती है। धार्मिक तौर पर भारत और श्रीलंका के बीच एक ऐतिहासिक और काफी गहरा संबंध है। भगवान श्रीराम के वनवास और माता सीता के हरण से संबंधित एक अहम काल दोनों देशों के बीच जुड़ाव का केंद्र है। श्रीलंका में स्थित रामसेतु, अशोक वाटिका और सीता अम्मन मंदिर आज भी दोनों देशों के बीच जुड़ाव की वजह है।
इसके अलावा, तमिलनाडु और श्रीलंका के बीच व्यापारिक संबंध भी बेहद गहरे हैं, जो लगभग 2000 साल पुराना है। पुराने समय में तमिलनाडु पोर्ट कावेरीपट्टनम और नागपट्टिनम के जरिए श्रीलंका से मोती, मसाले (दालचीनी), हाथी दांत और कीमती रत्न समेत अन्य चीजें दुनिया के दूसरे हिस्सों में भेजी जाती थी।

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