नई दिल्ली । सीमा पार से सक्रिय मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले नेटवर्क पर लगाम लगाने के क्रम में भारतीय कानून प्रवर्तन और खुफिया एजेंसियों को एक बड़ी सफलता मिली है। फरार गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम का करीबी सहयोगी और अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट का अहम सदस्य सलीम डोला मंगलवार को तुर्की से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया। सूत्रों के अनुसार, भारतीय खुफिया एजेंसियों और उनके अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के समन्वित अभियान के बाद डोला को विशेष विमान से तड़के दिल्ली हवाई अड्डे पर लाया गया। अधिकारियों ने पुष्टि की कि यह प्रत्यर्पण विभिन्न अधिकार क्षेत्रों में कई एजेंसियों के निरंतर प्रयासों और घनिष्ठ सहयोग के बाद अंजाम दिया गया। सूत्रों के अनुसार, डोला से फिलहाल दिल्ली में खुफिया एजेंसियां पूछताछ कर रही हैं और बाद में उसे आगे की जांच के लिए मुंबई स्थित नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) को सौंप दिया जाएगा। उससे बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की तस्करी और अंतरराष्ट्रीय तस्करी से जुड़े कई मामलों के संबंध में पूछताछ की जाएगी।
डोला को हाल ही में तुर्की के इस्तांबुल में स्थानीय कानून प्रवर्तन और खुफिया इकाइयों के संयुक्त अभियान में गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अनुरोध पर जारी इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के आधार पर हुई थी। भारतीय अधिकारी, विशेष रूप से मुंबई पुलिस, कई वर्षों से मादक पदार्थों से संबंधित विभिन्न मामलों में उनकी हिरासत की मांग कर रहे थे।
सलीम डोला का प्रत्यर्पण भारतीय एजेंसियों द्वारा इस नेटवर्क के खिलाफ की गई कई महत्वपूर्ण कार्रवाइयों के बाद हुआ है। जून 2025 में उनके बेटे ताहिर डोला को संयुक्त अरब अमीरात से प्रत्यर्पित किया गया था। कुछ महीनों बाद, एक अन्य प्रमुख सहयोगीसलीम मोहम्मद सोहेल शेख को दुबई से प्रत्यर्पित किया गया और मुंबई एंटी-नारकोटिक्स सेल द्वारा गिरफ्तार किया गया।
ये घटनाक्रम व्यापक आपराधिक गतिविधियों में शामिल इस नेटवर्क पर कड़ी कार्रवाई का संकेत देते हैं, जिनमें मादक पदार्थों का निर्माण, तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियां शामिल हैं।
अधिकारियों का अनुमान है कि डोला लगभग 5,000 करोड़ रुपए के ड्रग साम्राज्य का संचालन करता था, जिससे वह इस सिंडिकेट के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में से एक बन गया था। उसकी गिरफ्तारी को दाऊद इब्राहिम नेटवर्क के लिए ही नहीं, बल्कि उसके कथित वित्तीय चैनलों के लिए भी एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

