लोकतंत्र के सबसे बड़े उत्सव में आज का दिन बेहद निर्णायक है क्योंकि देश के तीन प्रमुख राज्यों—असम, केरलम और पुडुचेरी की कुल 296 विधानसभा सीटों पर सुबह 7 बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है…. मतदान को सुचारू बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सुबह 6 बजे ही मॉक पोलिंग के जरिए ईवीएम की शुद्धता जांची गई, जिसके बाद अब शाम 5 बजे तक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे….. इस चुनाव की सबसे खास बात यह है कि करीब 10 लाख से ज्यादा युवा वोटर्स पहली बार लोकतंत्र का हिस्सा बन रहे हैं…… राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो केरलम में 70 साल के इतिहास में पहली बार कोई मुख्यमंत्री हैट्रिक के इरादे से मैदान में है, वहीं असम में बीजेपी हिमंता बिस्व सरमा के चेहरे पर भरोसे के साथ तीसरी बार सत्ता की उम्मीद लगाए बैठी है….. पुडुचेरी में भी मुकाबला दिलचस्प है, जहाँ एन. रंगासामी पांचवीं बार मुख्यमंत्री बनने की जद्दोजहद कर रहे हैं। असम की 126, केरलम की 140 और पुडुचेरी की 30 सीटों पर किस्मत आज़मा रहे… सैकड़ों उम्मीदवारों का भविष्य आज ईवीएम में कैद हो जाएगा….
हिमंता की हिम्मत… बीजेपी लगाएगी हैट्रिक ?
असम विधानसभा चुनाव के महाकुंभ में आज लोकतंत्र की सबसे बड़ी तस्वीर सामने आ रही है… प्रदेश की सभी 126 विधानसभा सीटों पर मतदान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जहाँ आज 2 करोड़ 50 लाख से अधिक मतदाता अपने भविष्य का फैसला करेंगे। इस बार के चुनाव में महिला शक्ति का दबदबा साफ नजर आ रहा है, जहाँ 1.32 करोड़ पुरुष मतदाताओं के मुकाबले 1.39 करोड़ महिला मतदाता उम्मीदवारों की हार-जीत तय करेंगी…. मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखी जा रही हैं, जिनमें 5 लाख 75 हजार से अधिक ऐसे युवा शामिल हैं जो पहली बार अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं…. मैदान में कुल 722 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनमें 59 महिला प्रत्याशी भी शामिल हैं। शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए हैं और पूरे प्रदेश में डेढ़ लाख से ज्यादा सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है…
केरलम में अबकी बार किसके सिर सजेगा ताज ?
असम के बाद अब बात करते हैं दक्षिण भारत के राज्य केरलम की… केरलम में आज लोकतंत्र का उत्सव पूरे चरम पर है। सुबह 7 बजे से ही राज्य की सभी 140 विधानसभा सीटों पर मतदान की प्रक्रिया सुचारू रूप से जारी है। इस बार मुकाबला बेहद रोमांचक और त्रिकोणीय नजर आ रहा है, जहाँ सत्ताधारी LDF ऐतिहासिक हैट्रिक लगाने की कोशिश में है, तो वहीं विपक्षी UDF और NDA उन्हें कड़ी चुनौती दे रहे हैं। 2.71 करोड़ से अधिक मतदाता आज 890 उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य का फैसला ईवीएम में बंद करेंगे। दिलचस्प आंकड़ा यह है कि इस चुनाव में भी महिला मतदाताओं की संख्या पुरुषों से अधिक है, जहाँ 1.39 करोड़ महिला वोटर निर्णायक भूमिका में नजर आ रही हैं। इसके साथ ही, लगभग 2.42 लाख से अधिक प्रवासी मतदाता भी इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा बन रहे हैं। शांतिपूर्ण मतदान के लिए पूरे प्रदेश में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं, ताकि शाम 6 बजे तक मतदाता बिना किसी भय के अपने अगले मुख्यमंत्री का चुनाव कर सकें।
पुडुचेरी में क्या कांग्रेस की होगी वापसी ?
पुडुचेरी में लोकतंत्र की नई इबारत लिखी जा रही है…. विधानसभा की सभी 30 सीटों पर सुबह से ही मतदान की प्रक्रिया जारी है, जहाँ कुल 294 उम्मीदवार अपनी राजनीतिक किस्मत आजमा रहे हैं…. पुडुचेरी के 9.44 लाख मतदाता आज तय करेंगे कि सत्ता की चाबी किसके पास होगी….. इस चुनाव में महिला मतदाताओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है, जिनकी संख्या 5 लाख के पार है, जबकि 4.43 लाख पुरुष मतदाता भी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं…. विशेष रूप से, 23 हजार से अधिक नए और युवा मतदाता पहली बार इस लोकतांत्रिक उत्सव का हिस्सा बन रहे हैं…… शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए कुल 1,099 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें से 209 केंद्रों को संवेदनशील चिह्नित कर वहां सुरक्षा के अतिरिक्त और कड़े इंतजाम किए गए हैं….. सुबह से ही केंद्रों पर लंबी कतारें इस बात का प्रमाण हैं कि पुडुचेरी की जनता अपने भविष्य को लेकर बेहद जागरूक है….

