मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर अब भारत में एलपीजी गैस सप्लाई की चर्चाओं पर भी दिखाई देने लगा है. देश के कई हिस्सों से उपभोक्ताओं की शिकायतें सामने आ रही हैं कि वे कई दिनों से गैस सिलेंडर बुक कराने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर उन्हें स्टॉक खत्म होने की जानकारी दी जा रही है. वहीं कुछ इलाकों में लोगों ने देरी से डिलीवरी और लंबित बुकिंग को लेकर भी नाराजगी जताई है.
हालांकि, इन खबरों के बीच केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को घबराकर एक से ज्यादा सिलेंडर बुक करने की जरूरत नहीं है. सरकार का कहना है कि हाल के दिनों में कई लोगों ने एहतियात के तौर पर जरूरत से ज्यादा सिलेंडर बुक करना शुरू कर दिया, जिससे सप्लाई सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ने लगा.
इसी स्थिति को संभालने और यह सुनिश्चित करने के लिए कि हर उपभोक्ता तक समय पर गैस पहुंचे, सरकार ने एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी से जुड़े नियमों को स्पष्ट किया है. साथ ही बुकिंग अंतराल और डिलीवरी प्रक्रिया को लेकर भी दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी उपभोक्ता को अनावश्यक परेशानी न हो.
अब सवाल यह है कि एलपीजी सिलेंडर बुक करने के बाद आखिर कितने दिनों के भीतर डिलीवरी मिल जानी चाहिए? और अगर तय समय से ज्यादा देरी हो जाए तो उपभोक्ता क्या कर सकता है? आइए जानते हैं गैस सिलेंडर की डिलीवरी से जुड़े सरकार के नियम.
एलपीजी सिलेंडर बुकिंग और डिलीवरी के नए नियम: अब जानें पूरा सच
अब एलपीजी सिलेंडर बुक करना इतना आसान नहीं रहा! सरकार ने बुकिंग और डिलीवरी के नियमों में बड़ा बदलाव किया है ताकि सप्लाई सभी तक सही समय पर पहुंचे और कोई भी उपभोक्ता परेशान न हो।
नया बुकिंग नियम: सिलेंडर मिलने के बाद तुरंत बुकिंग नहीं
नई गाइडलाइन के मुताबिक, एक सिलेंडर मिलने के तुरंत बाद दूसरा सिलेंडर बुक नहीं किया जा सकेगा। सरकार ने बुकिंग के बीच न्यूनतम समय तय कर दिया है:
- शहरी क्षेत्र: पिछले सिलेंडर मिलने के बाद कम से कम 25 दिन इंतजार करना होगा।
- ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्र: नए सिलेंडर की बुकिंग के लिए 45 दिन का अंतर जरूरी।
सरकार का कहना है कि इससे एक ही परिवार द्वारा बार-बार बुकिंग कर गैस जमा करने की प्रवृत्ति रोकी जाएगी और गैस सप्लाई सबके लिए समान रूप से उपलब्ध रहेगी।
बुकिंग के बाद डिलीवरी कब तक होनी चाहिए?
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में 2–3 दिन के भीतर सिलेंडर डिलीवरी हो जानी चाहिए।
हालांकि, कुछ क्षेत्रों में मांग बढ़ने या तकनीकी कारणों से थोड़ी देरी हो सकती है। पिछले दिनों कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि डिलीवरी में कम से कम एक सप्ताह तक का समय लग रहा है या बुकिंग लंबित दिखाई दे रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति अचानक बढ़ी बुकिंग और सर्वर पर दबाव के कारण हुई है, और इसे धीरे-धीरे सामान्य किया जा रहा है।
अब डिलीवरी में ओटीपी भी जरूरी
गैस वितरण को ज्यादा पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नई प्रक्रिया लागू की गई है। अब अधिकांश क्षेत्रों में डिलीवरी के समय ओटीपी सत्यापन अनिवार्य होगा।
- जब डिलीवरी कर्मी सिलेंडर लेकर घर पहुंचेगा, मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा।
- उपभोक्ता को यह ओटीपी कर्मचारी को बताना होगा, तभी सिस्टम में डिलीवरी पूरी मानी जाएगी।
- बिना ओटीपी के डिलीवरी दर्ज नहीं होगी।
सरकार का कहना है कि यह कदम गलत डिलीवरी, फर्जी एंट्री और वितरण में गड़बड़ी जैसी समस्याओं को रोकने के लिए उठाया गया है।

