इस बार 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों की कुल मिलाकर 30 झांकियां कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित की जाएंगी.
26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर राज्य सरकारों और केंद्र सरकार के मंत्रालयों की कुल मिलाकर 30 झांकियां कर्तव्य पथ पर प्रदर्शित की जाएंगी, जिसमें सबसे खास है भारतीय थल सेना, वायु सेना और नौसेना की Operation Sindoor झांकी. इसमें राफेल, सुखोई से लेकर आतंकी हेडक्वार्टर को ध्वस्त करती ब्रह्मोस मिसाइल को प्रदर्शित किया गया है.
इसके अलावा रक्षा के क्षेत्र में मेक इन इंडिया का दृश्य दिखाती DRDO की सबमेरीन वाली झांकी और गृह मंत्रालय की नए BNS पर आधारित झांकी भी कर्तव्य पथ पर हिस्सा लेगी, राज्यों की झांकियों में इस बार सबके ख़ास गुजरात की झांकी है, जो 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज़ाद भारत के झंडों का कालखंड दर्शायेगी और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की झांकी भारत में फ़िल्म,टेलीविज़न, समाचार और AI क्रांति का दर्पण दिखाएगी.
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झांकी की थीम है तीनों सेनाओं थल, जल और वायु की एकता और एक साथ दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देना और झांकी इस बात का भी सबूत है कि भारत ने दुश्मन देश और उसके पालतू आतंकी संगठनों के साथ 8 महीने पहले क्या किया और इस बात का भी सबूत है कि दुश्मन और उसका प्रॉक्सी अगर भविष्य में फिर से हिमाकत करता है तो भारत क्या करेगा.
भारतीय न्याय संहिता की झांकी
भारत में 1 जुलाई 2024 को अग्रेजों की भारतीय दंड संहिता की जगह भारतीय न्याय संहिता लागू की थी और गृह मंत्रालय की झांकी इस बार दर्शाएगी कि कैसे नए कानून दंड दिलाने की जगह न्याय दिलाने के लिये अग्रसर है और किस तरह से नए कानूनों ने इन्वेस्टिगेशन को बेहतर बनाया है, साथ ही इस झांकी में पुलिस, फॉरेंसिक में महिला शक्ति के योगदान को भी दर्शाया गया है.
इस बार गणतंत्र दिवस की झांकियां दो थीम पर आधारित हैं पहला वंदे मातरम् और दूसरा आत्मनिर्भर भारत. ऐसे में गुजरात की झांकी 1857 के स्वंत्रता संग्राम से लेकर आज़ाद भारत तक के झंडों का ट्रांजिशन दिखा रही है तो DRDO की झांकी आत्मनिर्भर भारत के रक्षा क्षेत्र में विश्वस्तरीय सबमरीन तक के निर्माण की गाथा का वर्णन कर रही है.
इस बार निकलेंगी 30 झांकियां
30 झांकियों में से 17 झांकिया राज्यों की है और 13 केंद्र सरकार के मंत्रालयों की, जिसमें हिमाचल प्रदेश की झांकी युद्ध में दुश्मन के दांत खट्टे करने वाले वीर शहीदों को याद कर रही है तो छत्तीसगढ़ की झांकी दिखा रही है कि कैसे आदिवासियों में आज़ादी की लड़ाई में योगदान दिया और जंगल और देश के लिए अंग्रेजों के दांत खट्टे किए.
कुल मिलाकर इस बार गणतंत्र दिवस की झांकी आज़ाद भारत से लेकर सशक्त भारत, आत्मनिर्भर भारत और Operation Sindoor वाले भारत की गौरव गाथा का सजीव चित्रण 26 जनवरी को करने वाली है. गणतंत्र दिवस की परेड में 30 झांकियां और भारतीय सेना कर्तव्यप थ पर भारत के 77वे गणतंत्र पर गौरवगाथा का सजीव चित्रण करेगी.

