Haryana News: मानेसर में ‘चाय पर चर्चा’ के दौरान स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने पिता राव इंद्रजीत सिंह के पक्ष में खुलकर बयान दिया. उन्होंने कहा कि राव साहब बोलते हैं तो पूरा हरियाणा सुनता है.
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती राव मंगलवार (20 जनवरी) को गुरुग्राम के मानेसर पहुंचीं. यहां मानेसर नगर निगम की मेयर डॉ. इंद्रजीत यादव के कार्यालय में आयोजित ‘चाय पे चर्चा’ कार्यक्रम के दौरान आरती राव का सियासी तेवर देखने को मिला.
कार्यक्रम में स्थानीय ग्रामीणों और समर्थकों ने उनका जोरदार स्वागत किया. इसी दौरान आरती राव ने अपने पिता और केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह के पक्ष में खुलकर बोलते हुए विरोधियों को कड़ा संदेश दिया.
आरती राव ने कहा कि जब उनके पिता राव साहब बोलते हैं, तो पूरा हरियाणा ध्यान से सुनता है. उन्होंने दावा किया कि उनके पिता जैसा बेदाग छवि वाला नेता पूरे राज्य में शायद ही कोई हो.
आरती राव के मुताबिक, राव इंद्रजीत सिंह हमेशा अपने साथियों के लिए ढाल बनकर खड़े रहते हैं और यही वजह है कि लोग उन्हें पसंद करते हैं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग जरूर उनके इन गुणों से असहज होते हैं, लेकिन आम जनता उनके साथ खड़ी रहती है.
45-50 साल की राजनीति का अनुभव
आरती राव ने अपने संबोधन में कहा कि उनके पिता ने 45–50 वर्षों के लंबे राजनीतिक जीवन में ईमानदारी और सच्चाई की पहचान बनाई है. उन्होंने कहा कि राजनीति में टिके रहना आसान नहीं होता, लेकिन साफ छवि और जनता से जुड़े रहने के कारण ही राव इंद्रजीत सिंह आज भी मजबूती से खड़े हैं. आरती राव की इस टिप्पणी को मौजूदा सियासी माहौल में एक सधा हुआ लेकिन तीखा जवाब माना जा रहा है.
समर्थकों का साथ देने की सीख
कार्यक्रम के दौरान आरती राव ने कहा कि हमें हमेशा उनका साथ देना चाहिए जो हमारे साथ खड़े रहते हैं. उन्होंने कहा कि यह सीख उन्हें अपने पिता से मिली है और वे आगे भी लोगों के अधिकारों की लड़ाई में मजबूती से खड़ी रहेंगी.
गुरुग्राम के हयातपुर स्थित मेयर कार्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में सैकड़ों स्थानीय निवासी मौजूद रहे. स्वतंत्र मेयर के कार्यालय में आरती राव की मौजूदगी ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को और तेज कर दिया.
अहिरवाल दौरे की शुरुआत
बताया जा रहा है कि आरती राव मंगलवार से अहिरवाल क्षेत्र के 5 दिवसीय दौरे पर हैं. दौरे के पहले ही दिन मानेसर पहुंचकर उन्होंने बिना किसी का नाम लिए राव इंद्रजीत सिंह के विरोधियों को जवाब दिया. उनके इस बयान को आने वाले दिनों में क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज से अहम माना जा रहा है.
गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से अहिरवाल क्षेत्र में सियासी जुबानी जंग चल रही है. हाल ही में हरियाणा के कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह पर कटाक्ष किया था.
उन्होंने कहा था कि 1987 के जतुसाना विधानसभा चुनाव में राव इंद्रजीत को हराने के बाद ही उनका राजनीतिक करियर शुरू हुआ. राव नरबीर सिंह ने यह भी कहा था कि जतुसाना को राव इंद्रजीत का राजनीतिक गढ़ माना जाता था, लेकिन वहां उन्हें हार का सामना करना पड़ा था.
बयान से बढ़ी सियासी हलचल
अब उसी जुबानी जंग में आरती राव के उतरने से सियासी हलचल और तेज हो गई है. पिता के पक्ष में खुलकर बोलकर उन्होंने साफ कर दिया है कि इस मुद्दे पर परिवार और समर्थक पूरी तरह एकजुट हैं. आने वाले दिनों में यह जुबानी जंग किस मोड़ पर पहुंचती है, इस पर हरियाणा की राजनीति की नजरें टिकी हुई हैं.

