
Eggshell Powder Bone Density:
अंडा हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद माना जाता है, लेकिन ज्यादातर लोग इसका छिलका उतारकर फेंक देते हैं। बहुत कम लोगों को पता है कि अंडे का छिलका कैल्शियम का एक सस्ता, प्राकृतिक और असरदार स्रोत है। सही तरीके से इस्तेमाल किया जाए तो यह हड्डियों की मजबूती में अहम भूमिका निभा सकता है। आजकल बाजार में रेडीमेड एगशेल पाउडर उपलब्ध है, वहीं इसे घर पर भी सुरक्षित तरीके से तैयार किया जा सकता है।
अंडे का छिलका क्या होता है?
अंडे का छिलका अंडे की बाहरी सख्त परत होती है, जो मुख्य रूप से कैल्शियम कार्बोनेट से बनी होती है। इसमें थोड़ी मात्रा में प्रोटीन और अन्य जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं। कैल्शियम हड्डियों और दांतों की मजबूती के लिए सबसे आवश्यक मिनरल माना जाता है। रिसर्च के अनुसार, मुर्गी के अंडे का छिलका लगभग 40 प्रतिशत कैल्शियम से बना होता है, यानी सिर्फ एक ग्राम अंडे के छिलके से अच्छी मात्रा में कैल्शियम मिल सकता है।
कैल्शियम सप्लीमेंट के तौर पर कितना असरदार?
PubMed में प्रकाशित कई रिसर्च स्टडीज के मुताबिक, अंडे के छिलके में मौजूद कैल्शियम कार्बोनेट वही फॉर्म है, जो अधिकतर कैल्शियम सप्लीमेंट्स में इस्तेमाल किया जाता है। स्टडीज में पाया गया है कि एगशेल पाउडर शरीर में उतनी ही अच्छी तरह अवशोषित होता है, जितना सामान्य कैल्शियम सप्लीमेंट। कुछ शोध यह भी बताते हैं कि अंडे के छिलके से मिलने वाला कैल्शियम, शुद्ध कैल्शियम कार्बोनेट सप्लीमेंट से बेहतर असर दिखा सकता है, क्योंकि इसमें मौजूद प्राकृतिक प्रोटीन और कंपाउंड अवशोषण को बेहतर बनाते हैं। इसके अलावा इसमें मैग्नीशियम, फॉस्फोरस, स्ट्रॉन्शियम और सेलेनियम जैसे मिनरल्स भी होते हैं, जो हड्डियों की सेहत के लिए फायदेमंद हैं।
ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा कम करने में सहायक
Healthline के अनुसार, अंडे के छिलके से मिलने वाला कैल्शियम ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करने में मदद कर सकता है। ऑस्टियोपोरोसिस एक ऐसी स्थिति है, जिसमें हड्डियां कमजोर हो जाती हैं और फ्रैक्चर का जोखिम बढ़ जाता है। बढ़ती उम्र और लंबे समय तक कैल्शियम की कमी इसके प्रमुख कारण हैं। कुछ स्टडीज में पाया गया है कि पोस्टमेनोपॉजल महिलाओं में अंडे के छिलके से बना कैल्शियम जब विटामिन D और मैग्नीशियम के साथ लिया गया, तो बोन मिनरल डेंसिटी में सुधार देखने को मिला। कुछ मामलों में यह सामान्य कैल्शियम सप्लीमेंट से अधिक प्रभावी भी साबित हुआ।
क्या सावधानी जरूरी है?
अंडे के छिलके को सही तरीके से तैयार किया जाए तो इसे सुरक्षित माना जाता है, लेकिन इसके बड़े टुकड़े निगलना नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए इसे हमेशा बारीक पाउडर के रूप में ही इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही, अंडे के छिलके पर साल्मोनेला जैसे बैक्टीरिया हो सकते हैं, इसलिए इस्तेमाल से पहले अंडे को अच्छी तरह उबालना और छिलके को साफ करना बेहद जरूरी है।

