No menu items!
Wednesday, January 21, 2026
spot_img

Latest Posts

शंकराचार्य बनाम प्रशासन: अविमुक्तेश्वरानंद की प्रेस वार्ता के बाद अफसरों की सफाई

Swami Avimukteshwaranand News:
प्रयागराज माघ मेले में ज्योतिष पीठ शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े विवाद पर प्रशासन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। प्रयागराज मंडल की कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने कहा कि शंकराचार्य के स्नान कार्यक्रम की कोई पूर्व सूचना प्रशासन को नहीं दी गई थी। एक दिन पहले केवल दो वाहनों की अनुमति मांगी गई थी, जिसे सुरक्षा कारणों से स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया गया था।

कमिश्नर के अनुसार, अनुमति न होने के बावजूद शंकराचार्य अपने वाहन से इमरजेंसी त्रिवेणी पीपा पुल के रास्ते सैकड़ों अनुयायियों के साथ संगम क्षेत्र पहुंचे और बैरिकेडिंग तोड़ी गई। संगम नोज पर श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ की जानकारी पहले ही दी जा चुकी थी, इसके बावजूद वहां भी बैरियर हटाया गया। प्रशासन की ओर से कई बार अनुरोध किया गया कि वे पालकी से उतरकर सीमित संख्या में पैदल स्नान कर लें, लेकिन वे पालकी से नीचे नहीं उतरे और अंततः बिना स्नान किए वापस लौट गए।

सौम्या अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति को गंगा स्नान से नहीं रोका गया है। प्रशासन का उद्देश्य केवल भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना था। उन्होंने शंकराचार्य द्वारा लगाए गए हत्या की साजिश के आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।

इस दौरान मेला अधिकारी आईएएस ऋषि राज ने कहा कि मौनी अमावस्या का दिन प्रयागराज के लिए ऐतिहासिक रहा, जब संगम में 4 करोड़ 52 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने स्नान किया। उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के 2022 के स्पष्ट आदेशों के अनुसार शंकराचार्य को किसी भी प्रकार का विशेष प्रोटोकॉल नहीं दिया जा सकता। ऐसा करना अदालत के आदेशों का उल्लंघन होता।

ऋषि राज ने यह भी कहा कि अधिकारियों द्वारा बार-बार समझाने के बावजूद स्थिति नहीं संभली, जिसके चलते करीब तीन घंटे तक वापसी मार्ग बाधित रहा। शंकराचार्य के लिए किसी प्रकार के वाहन की अनुमति जारी नहीं की गई थी। प्रशासन सभी साक्ष्य एकत्र कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पर विचार कर रहा है।

वहीं डीएम प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन करना हर सरकारी अधिकारी की जिम्मेदारी है और सभी के सहयोग से मौनी अमावस्या का स्नान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।

पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार ने बताया कि पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए हर संभव प्रयास किया, लेकिन बार-बार अनुरोध के बावजूद शंकराचार्य पालकी से उतरकर पैदल स्नान के लिए तैयार नहीं हुए। उन्होंने कहा कि एक व्यक्ति के कारण करोड़ों श्रद्धालुओं की सुरक्षा को जोखिम में नहीं डाला जा सकता था, इसलिए प्रशासन को यह निर्णय लेना पड़ा।

Latest Posts

spot_imgspot_img

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.