हम रोजाना 6 से 8 घंटे अपने तकिये पर सोते हैं. अगर तकिये का कवर गंदा हो और उसे समय-समय पर साफ न किया जाए, तो यह हमारी स्किन के लिए कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकता है.
हम सभी चाहते हैं कि हमारी स्किन हमेशा हेल्दी, साफ और ग्लोइंग दिखे. इसके लिए हम तरह-तरह के स्किन केयर प्रोडक्ट्स और उपाय अपनाते हैं. लेकिन अक्सर हम एक छोटी सी चीज को नजरअंदाज कर देते हैं, जो हमारी स्किन पर बड़ा असर डाल सकती है. वह तकिये का कवर है. हम रोजाना 6 से 8 घंटे अपने तकिये पर सोते हैं. अगर तकिये का कवर गंदा हो और उसे समय-समय पर साफ न किया जाए, तो यह हमारी स्किन के लिए कई तरह की समस्याएं पैदा कर सकता है. तो आइए जानते हैं गंदे तकिये के कवर के नुकसान और उनसे बचने के आसान तरीके क्या हैं.

तकिये का कवर पसीने, ऑयल्स, धूल और बैक्टीरिया से भरा रहता है. जब हम रात में इसका यूज करते हैं, तो ये बैक्टीरिया और ऑयल्स हमारे स्किन पोर्स में जम जाते हैं. इससे पोर्स ब्लॉक हो जाते हैं और पिंपल्स, ब्लैकहेड्स और वाइटहेड्स जैसी समस्याएं होने लगती हैं. खासकर अगर आपकी स्किन ऑयली है, तो यह और भी जल्दी हो सकता है.

अगर आपकी स्किन थकी-थकी और बेजान लग रही है, तो इसके पीछे तकिये का गंदा कवर हो सकता है. गंदे कवर से आपकी स्किन की नेचुरल चमक धीरे-धीरे खत्म होने लगती है. इसलिए स्किन केयर प्रोडक्ट्स लेने के बाद भी आपकी स्किन ग्लोइंग नहीं दिखती.
गंदे तकिये के कवर में धूल और डस्ट माइट्स जमा हो जाते हैं. यह आपकी स्किन पर एलर्जी, खुजली, रेडनेस और रैशेज का कारण बन सकता है. अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है, तो इसका असर और भी तेज होता है.

गंदे तकिये के कवर पर सोते समय स्किन और कपड़े में रगड़ होती है. यह फ्रिक्शन आंखों और गालों के पास फाइन लाइन्स और झुर्रियों को जल्दी बढ़ा देता है. इसलिए अगर तकिये का कवर गंदा है, तो आपकी स्किन समय से पहले बूढ़ी नजर आने लगती है.

रात में चेहरे पर लगाने वाले क्रीम और सीरम्स गंदे तकिये के कवर पर लग जाते हैं. इससे आपके स्किन केयर प्रोडक्ट्स का असर कम हो जाता है. स्किन को सही तरीके से मॉइस्चराइज और रिपेयर करने का मौका नहीं मिलता है.

तकिये का कवर हफ्ते में कम से कम दो बार बदलें. हमेशा कॉटन या सिल्क का कवर यूज करें. सोने से पहले चेहरा अच्छे से धोएं और स्किन साफ रखें. बालों को भी साफ और बांधे हुए रखें, ताकि ऑयल्स और डस्ट सीधे चेहरे से टकराए. अगर आपकी स्किन ऑयली या सेंसिटिव है, तो साफ-सफाई पर और भी ज्यादा ध्यान दें. नियमित रूप से तकिये और चादरें बदलें, ताकि बैक्टीरिया और डस्ट से बचा जा सके.

