Bihar News: नीट छात्रा मौत मामले में पप्पू यादव प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल पहुंचे. उन्होंने नामी डॉक्टरों और हॉस्टल संचालक पर साजिश का आरोप लगाया. साथ ही उन्होंने इस मामले में CBI जांच की मांग की है.
पटना के चित्रगुप्त नगर थाना के शम्भू होस्टल में रहने वाली नीट की छात्रा की मौत और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रेप के बाद हत्या की आशंका मिलने से बिहार का सियासी पारा चढ़ चुका है. विपक्ष लगातार सरकार पर हमला कर रही है. वहीं इस मामले को लेकर पूर्णिया सांसद पप्पू यादव पहले परिजनों से मिलने जहानाबाद गए और शाम तक गृह मंत्री अमित शाह को सीबीआई की जांच की मांग का पत्र लिखा. उसके बाद बीते देर रात्रि वह पटना के कंकड़ बाग स्थित प्रभात में मोरल हॉस्पिटल पहुंच गए जहां छात्रा को इलाज के लिए पहली बार लाया गया था.
पप्पू यादव ने मीडिया से बात करते हुए इस मामले में गृह मंत्री सम्राट चौधरी पर कहा कि उनका धन्यवाद है कि उन्होंने SIT गठन किया लेकिन इसमें बहुत बड़ी साजिश दिख रही है इसलिए सीबीआई जांच की हम मांग कर रहे हैं.
हॉस्टल के मालिक को रिमांड पर लेकर पुलिस करें पूछताछ- पप्पू यादव
पूर्णिया सांसद पप्पू यादव ने कहा कि छात्रा की हालत बिगड़ी थी तो सबसे पहले प्रभात मेमोरियल अस्पताल लाया गया था यहां के डॉक्टर की स्थिति संदिग्ध दिख रही है. पटना के प्रख्यात डॉक्टर सहजानंद को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि उनकी देखरेख में यह अस्पताल चलता है उस दिन खुद वह मौजूद थे तो यह क्या उन्हें नजर नहीं आया था. इतने बड़े डॉक्टर हैं फिर रेफर क्यों किया. उनकी नजर क्या छात्र की प्राइवेट पार्ट पर नहीं पड़ी थी. शंभू हॉस्टल के मालिक मनीष कुमार रंजन को गिरफ्तार कर जेल क्यों भेज दिया गया उसे रीमांड पर लेकर पूछताछ की अभी तक क्यों नहीं की गई है. 2025 में इस अस्पताल का रिनुअल नहीं हुआ है कई ऐसे सवाल है जो संदेश के घेरे में है.
हॉस्टल मालिक पर सांसद ने सेक्स रैकेट का लगाया आरोप
मनीष रंजन का वह होस्टल है उसी का यह अस्पताल भी है तो इसमें साफ दिख रहा है कि लीपा पोती की गई है. उन्होंने कहा कि मनीष रंजन और इसके कई डॉक्टर इस साजिश का कहीं ना कहीं एक हिस्सा है. इन लोगों के द्वारा पुलिस को भी गुमराह किया गया है. उन्होंने हॉस्टल के मालिक मनीष रंजन पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि वह पहले से सेक्स रैकेट चलाते रहे हैं. कई रशुखदार के यहां लड़कियां भेजते रहे हैं. उनकी पूरी मोबाइल डिटेल और लोकेशन पुलिस ने क्यों नहीं खंगाला.
इस हादसे में मनीष रंजन के अलावा कई डॉक्टर शामिल- सांसद
पप्पू यादव ने कहा कि जब प्रभात मेमोरियल हॉस्पिटल में लाया गया जो सहजानंद का हॉस्पिटल है तो वह क्या लिखकर रेफर कर दिया. इस अस्पताल के एक पार्टनर से मेरी बात हुई है. उन्होंने कहा कि लड़की होश में आई थी खुद मैंने एडमिट किया था, लड़की का इलाज सही चल रहा था. लड़की को ज्यादा ही ड्रग्स दिए गए थे. पप्पू यादव ने कहा कि मनीष रंजन के अलावा इस अस्पताल के कई डॉक्टर भी हिस्सा जिसमें शामिल है इसमें डॉक्टर अभिषेक, डॉक्टर बृजेश, सुरेंद्र कुमार, राहुल कुमार इन सब की भूमिका भी संदिग्ध है. नीतू ठाकुर, नीलू अग्रवाल यह लोग भी इस घटना के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं. उसे दिन मनीष का गार्ड परिजनों को रोकने का काम किया था. डॉक्टर अभिषेक किसी को अंदर जाने नहीं दिया था. इसमें कई रसूखदार शामिल है इसलिए हम बार-बार सीबीआई से जांच की मांग कर रहे हैं.

