
ITC शेयरों में गिरावट से LIC को बड़ा झटका
आईटीसी के शेयरों में आई भारी गिरावट का सीधा असर लाइफ इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (LIC) के निवेश पर पड़ा है। 31 दिसंबर को जहां ITC में LIC की हिस्सेदारी की कुल वैल्यू 80,028 करोड़ रुपये थी, वहीं 2 जनवरी तक यह घटकर 68,560 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो अब तक का रिकॉर्ड निचला स्तर है। सिगरेट पर सरकार की नई एक्साइज ड्यूटी के ऐलान के बाद महज दो कारोबारी सत्रों में ITC के शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। 2 जनवरी को शेयर करीब 5 फीसदी टूटकर 52-वीक के नए लो लेवल 345.25 रुपये प्रति शेयर तक पहुंच गया, हालांकि बाद में इसमें मामूली रिकवरी दर्ज की गई। साल 2026 के शुरुआती दो ट्रेडिंग सेशन में ही ITC के शेयर 14 फीसदी से ज्यादा टूट चुके हैं।
शेयरहोल्डिंग पैटर्न और सरकारी कंपनियों पर असर
जुलाई-सितंबर तिमाही (FY26) के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के अनुसार, ITC पूरी तरह पब्लिक शेयरहोल्डिंग वाली कंपनी है और इसमें कोई प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप नहीं है। ITC में LIC की हिस्सेदारी 15.86 फीसदी है, जबकि जनरल इंश्योरेंस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (GIC) के पास 1.73 फीसदी और न्यू इंडिया एश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के पास 1.4 फीसदी हिस्सेदारी है।
LIC को ₹11,468 करोड़ का कागजी नुकसान
ITC शेयरों की गिरावट के चलते LIC को करीब 11,468 करोड़ रुपये का नॉशनल या कागजी नुकसान हुआ है। 31 दिसंबर के क्लोजिंग प्राइस पर जहां LIC की ITC में हिस्सेदारी की वैल्यू 80,028 करोड़ रुपये थी, वहीं अब यह घटकर 68,560 करोड़ रुपये रह गई है। इसी तरह, ITC शेयरों में तेज बिकवाली से सिर्फ दो दिनों में इन तीनों सरकारी बीमा कंपनियों के पोर्टफोलियो से कुल 13,740 करोड़ रुपये साफ हो गए। हालांकि, जब तक शेयर बेचे नहीं जाते, तब तक इसे केवल कागजी नुकसान ही माना जाएगा।
मार्केट कैप में ₹72,000 करोड़ की गिरावट
2 जनवरी को ITC के शेयर करीब 4 फीसदी गिरकर 350.10 रुपये प्रति शेयर पर बंद हुए। पिछले पांच कारोबारी दिनों में स्टॉक 13 फीसदी से ज्यादा और बीते छह महीनों में 15 फीसदी से अधिक टूट चुका है। इस गिरावट के चलते महज दो दिनों में ITC के मार्केट कैपिटलाइजेशन से करीब 72,000 करोड़ रुपये घट गए हैं, जिससे कंपनी का बाजार मूल्य घटकर लगभग 4,38,639 करोड़ रुपये रह गया है। फिलहाल ITC का P/E रेश्यो 22.59 है।

