No menu items!
Thursday, February 5, 2026
spot_img

Latest Posts

Mastiii 4 Review: न दीवानगी, न हंसी—बस बोरियत! न एडल्ट कंटेंट, न कॉमेडी का स्वाद

Mastiii 4 Review: एडल्ट कॉमेडी ‘मस्ती 4’ हुई रिलीज़—फिल्म देखने जाएँ उससे पहले पढ़ें पूरा रिव्यू

अगर चाहें तो मैं इसे और भी आकर्षक, शॉर्ट, क्लिकबेट या प्रोफेशनल न्यूज़-हेडलाइन स्टाइल में भी बना दूँ।

सुधारा हुआ रिव्यू (Polished & Crisp Version)

इस फ्रैंचाइज़ी की फिल्मों से आमतौर पर उम्मीद रहती है कि इसमें डबल मीनिंग जोक्स होंगे, बेहूदा लेकिन कुछ लोगों को हँसा देने वाली कॉमेडी होगी, और अपनी टारगेट ऑडियंस को यह खूब पसंद आएगी। कई लोग ऐसी फिल्में चुपके से देखकर मज़ा भी लेते हैं, भले ही खुलकर बताते नहीं।

डायरेक्टर मिलाप जावेरी की पिछली फिल्म एक दीवाने की दीवानियत ब्लॉकबस्टर साबित हुई थी। उसके बाद चर्चा थी कि इस बार ‘हैवानियत’ देखने को मिलेगी—लेकिन अफसोस, यहाँ न दीवानियत है, न हैवानियत; यह फिल्म तो सीधी बोरियत बनकर रह गई है।

कैसी है फिल्म

फिल्म के मेकर्स और एक्टर्स को पहले से अंदाज़ा था कि यह फिल्म ट्रोल होने वाली है, लेकिन फिर भी एडल्ट कॉमेडी का अपना एक तय दर्शक वर्ग होता है। समस्या यह है कि इस बार उनके लिए भी फिल्म में कुछ नहीं है
फिल्म शुरू होते ही समझ नहीं आता कि स्क्रीन पर चल क्या रहा है। जोक्स न हँसाते हैं, न चिढ़ाते हैं—बस एक अजीब सा खालीपन छोड़ जाते हैं।

सेकेंड हाफ में कहीं-कहीं थोड़ी बहुत हंसी आ भी जाती है, लेकिन वह फिल्म को बचाने के लिए काफी नहीं है। सेंसर बोर्ड ने कई कट्स लगाए हैं। ट्रेलर में जो पहला सीन था, उसके डायलॉग तक फिल्म में बदल दिए गए—तो फिर A-सर्टिफिकेट लेने का फायदा ही क्या?

यह फिल्म न एडल्ट कॉमेडी लगती है, न ही क्रिंज कॉमेडी—असल में यह कुछ लगती ही नहीं
हाँ, म्यूज़िक और लोकेशन्स अच्छी जरूर हैं, लेकिन फिल्म कुल मिलाकर आपका समय पूरी तरह बर्बाद करती है।

एक्टिंग

रितेश ने अच्छी कोशिश की है इस बेजान फिल्म में जान डालने की लेकिन जब राइटिंग में दम नहीं होगा तो एक्टर क्या कर पाएगा. आफताब सबसे ज्यादा इंप्रेस करते हैं, उनका काम सबसे अच्छा है. विवेक ओवरएक्टिंग करते दिखे. तुषार कपूर ने ये क्यों की समझ से परे है. तीनों हीरोइनों का काम भी एवरेज है.

 राइटिंग एंड डायरेक्शन

फिल्म की राइटिंग बेहद कमजोर है। कहानी कहीं पकड़ नहीं बनाती—न हँसा पाती है, न गुस्सा दिला पाती है। मिलाप जावेरी का डायरेक्शन भी इस बार फीका और बिखरा हुआ नजर आता है।
एडल्ट कॉमेडी से कोई समस्या नहीं, लेकिन इतनी कमजोर और बदतरीन तरह से बनाई गई फिल्म से जरूर दिक्कत होती है।

Latest Posts

spot_imgspot_img

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.