
बाराबंकी में 12वीं कक्षा की छात्रा आंचल वर्मा को एक दिन के लिए जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) बनाया गया है। यह कदम ‘मिशन शक्ति अभियान’ के तहत जिला प्रशासन द्वारा शुरू किया गया एक विशेष कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य महिला छात्रों को प्रशासनिक कार्यों का अनुभव देना है। मौजूदा डीएम शशांक त्रिपाठी ने अपने पद की जिम्मेदारी प्रतीकात्मक रूप से आंचल को सौंपकर उन्हें प्रशासन के कामकाज से परिचित कराया।
हालांकि, एक दिन के डीएम पद पर जो भी निर्णय लिया जाता है, वह केवल शैक्षिक और अनुभवात्मक होता है और कानूनी रूप से मान्य नहीं होता। इस पहल का मकसद छात्रों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं, जनता की समस्याओं का समाधान और शासन की जिम्मेदारियों से अवगत कराना है।
इस दौरान असली डीएम पूरी प्रक्रिया की निगरानी करता है ताकि प्रशासनिक कार्य बाधित न हो और सभी फैसले केवल सीखने के उद्देश्य से हों। चयन प्रक्रिया में प्रतिभागियों को उनके शैक्षणिक प्रदर्शन और नेतृत्व क्षमता के आधार पर चुना जाता है, जिससे युवाओं, खासकर महिलाओं में प्रशासनिक कार्यों के प्रति जागरूकता और रुचि बढ़ाई जा सके।
‘वन डे डीएम’ कार्यक्रम छात्रों को जिला प्रशासन की जटिलताओं को समझने और भविष्य में नागरिक जिम्मेदारी के महत्व को पहचानने का मौका देता है, जिससे वे शासन-प्रशासन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित हों।

