मणिपुर के घाटी क्षेत्रों के पांच जिलों में कर्फ्यू को दरकिनार करते हुए हजारों लोगों ने बम हमले के विरोध में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने टायर जलाकर विरोध जताया और दोषियों की तुरंत गिरफ्तारी की मांग की। इस हमले में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई थी।
इंफाल पश्चिम जिले के टिड्डिम लाइन में ऑल मणिपुर यूनाइटेड क्लब्स ऑर्गनाइजेशन (AMUCO) के नेतृत्व में सैकड़ों लोगों ने रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने घटना की निंदा करते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। हालांकि सुरक्षा बलों ने रैली को क्वाकेइथेल के पास आगे बढ़ने से रोक दिया। बाद में संगठन के प्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह से मिलने ले जाया गया।
7 अप्रैल को बिष्णुपुर जिले के त्रोंगलाओबी इलाके में संदिग्ध उग्रवादियों ने एक घर पर बम फेंका था, जिसमें 5 साल के बच्चे और उसकी 6 महीने की बहन की मौत हो गई थी। घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने सीआरपीएफ कैंप पर हमला कर तोड़फोड़ और वाहनों में आगजनी की। स्थिति को काबू करने के लिए सुरक्षा बलों की ओर से की गई फायरिंग में तीन प्रदर्शनकारियों की मौत हो गई, जबकि 30 लोग घायल हो गए।
कई इलाकों में प्रदर्शन और झड़पें
आज इंफाल पश्चिम के समुरोउ में प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने उन्हें रोक दिया। बिष्णुपुर के मोइरांग लामखाई और निंगथौखोंग में टायर जलाकर सड़क जाम किया गया। इंफाल पूर्व, थौबल और काकचिंग जिलों में भी इसी तरह के प्रदर्शन देखने को मिले।
बुधवार रात इंफाल पूर्व के खुरई लामलोंग में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़प हुई, जहां भीड़ ने पथराव किया। जवाब में सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले दागे।
पुलिस ने त्रोंगलाओबी घटना के बाद चलाए गए अभियान में यूनाइटेड कुकी नेशनल आर्मी के तीन संदिग्ध सदस्यों को गिरफ्तार किया है। हालांकि पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनका इस हमले से सीधा संबंध है या नहीं।

