चंडीगढ़: काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एवं सुप्रीम कोर्ट व पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य द्वारा सेंसर बोर्ड के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए एक विस्तृत कानूनी नोटिस जारी किया गया है। यह नोटिस विशेष रूप से अभिनेत्री नोरा फतेही व संजय दत्त के गीत“सरके चुनर” को पास किए जाने के विरोध में भेजा गया है, जिसमें अश्लीलता और वल्गैरिटी को बढ़ावा देने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
शांडिल्य ने अपने नोटिस में कहा है कि सेंट्रल सेंसर बोर्ड का कर्तव्य है कि वह समाज की नैतिकता, सांस्कृतिक मूल्यों और महिलाओं की गरिमा की रक्षा करे, लेकिन इसके विपरीत ऐसे कंटेंट को प्रमाणित किया जा रहा है जो समाज में अश्लीलता को बढ़ावा देता है। “सरके चुनर” जैसे गानों को पास करना बोर्ड की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिन्ह लगाता है।
काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट वासु रंजन शांडिल्य ने चंडीगढ़ के डीजीपी और एसएसपी को शिकायत भेजकर इस गाने से जुड़े अभिनेता-अभिनेत्रियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। इस संबंध में मंगलवार सुबह ही डीजीपी चंडीगढ़ को औपचारिक शिकायत प्रेषित की गई थी, जिसमें अश्लीलता फैलाने और महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने का आरोप लगाया गया।
मामले ने तूल पकड़ने के बाद देर शाम भारत सरकार द्वारा हस्तक्षेप करते हुए उक्त गाने को हटाने के निर्देश जारी किए गए। इस कार्रवाई का वासु रंजन शांडिल्य ने स्वागत करते हुए कहा कि यह कदम समाज में बढ़ती अश्लीलता पर रोक लगाने की दिशा में आवश्यक और सराहनीय है।
काउंसिल ऑफ लॉयर्स के चेयरमैन एडवोकेट शांडिल्य ने लीगल नोटिस में सेंसर बोर्ड के चेयरमैन से 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा है और स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया, तो उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि बार-बार सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ना सेंसर बोर्ड की कार्यप्रणाली की विफलता को दर्शाता है।
एडवोकेट वासु शांडिल्य ने दोहराया कि भारतीय संस्कृति, सामाजिक मर्यादा और महिलाओं के सम्मान से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर इस मुद्दे को न्यायालय में भी उठाया जाएगा।

