No menu items!
Monday, February 16, 2026
spot_img

Latest Posts

हैदराबाद में मजलिस का झंडा देख कौन भड़का? महाराष्ट्र से आए AIMIM कार्यकर्ताओं को पीटा…घूंसे मारे

हैदराबाद के पुराने शहर में रविवार रात करीब 10 बजे गोलपुरा क्षेत्र में मजलिस (AIMIM) का झंडा लगी गाड़ी को रोककर एक अज्ञात व्यक्ति ने महाराष्ट्र से आए कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की.
तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के पुराने शहर (Old City) इलाके में रविवार शाम एक सनसनीखेज वारदात सामने आई. रविवार की रात करीब 10 बजे गोलपुरा क्षेत्र में मजलिस (AIMIM) का झंडा लगी गाड़ी को रोककर एक अज्ञात व्यक्ति ने महाराष्ट्र से आए कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की और पार्टी का झंडा भी फाड़ दिया. यह घटना तब हुई जब ये कार्यकर्ता पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के नेतृत्व में एक विशाल रैली में शामिल होने के बाद रात्रि भोज के लिए जा रहे थे.

पीड़ित कार्यकर्ता आरिफ खान ने बताया कि वे महाराष्ट्र से पूर्व सांसद इम्तियाज जलील के साथ हैदराबाद आए थे. रैली के बाद सोमवार सुबह उन्होंने दारुस्सलाम में पार्टी अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी और चारमीनार विधायक जुल्फिकार से मुलाकात की. शाम को जब वे अपने दोस्त मंसूर भाई के घर दावत पर जा रहे थे, तभी गोलपुरा के पास एक शख्स ने उनकी गाड़ी रोक दी.

पीड़ितों ने क्या बताया
आरिफ खान के मुताबिक, “उस व्यक्ति ने गाड़ी पर लगा मजलिस का हरा झंडा देखा और भड़क गया. उसने चिल्लाते हुए कहा कि यहां यह झंडा नहीं चलेगा. उसने झंडा तोड़ दिया और विरोध करने पर हमारे साथी राजिक भाई, बिस्मिल्लाह भाई और अजीज भाई की छाती पर घूंसे मारे. मैं ड्राइवर सीट पर था तो उसने मेरी कंठी पकड़कर मेरे कान पर जोरदार हमला किया.” पीड़ितों का आरोप है कि वहां पुलिस और जनता मौजूद थी, लेकिन कोई मदद के लिए आगे नहीं आया.

मुगलपुरा पुलिस इंस्पेक्टर ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि रात करीब 9:00 बजे आरिफ खान की शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है. पुलिस फिलहाल इलाके के CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि हमलावर की पहचान की जा सके. इंस्पेक्टर ने जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर ध्यान न दें, क्योंकि इलाके में शांति बनी हुई है.

पुलिस मामले की जांच में जुटी
हैदराबाद हमेशा से AIMIM का गढ़ रहा है, लेकिन हाल के वर्षों में महाराष्ट्र में पार्टी के बढ़ते विस्तार (विशेषकर औरंगाबाद और मुंबई बेल्ट में) के कारण दोनों राज्यों के कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय बढ़ा है. इम्तियाज जलील जैसे बड़े नेताओं की मौजूदगी में इस तरह का हमला सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है. अतीत में भी पुराने शहर में राजनीतिक झंडों और नारों को लेकर छिटपुट झड़पें होती रही हैं, जिसे देखते हुए पुलिस अब अतिरिक्त सतर्कता बरत रही है.

हमले के बाद मजलिस के स्थानीय विधायक जुल्फिकार और कॉर्पोरेटर मुजफ्फर ने कार्यकर्ताओं को ढांढस बंधाया. कार्यकर्ताओं ने कहा कि वे चाहते तो पलटकर जवाब दे सकते थे, लेकिन असदुद्दीन ओवैसी की सीख ‘अमन और शांति’ बनाए रखने की है, इसलिए उन्होंने कानून का रास्ता चुना है. फिलहाल, पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है.

Latest Posts

spot_imgspot_img

Don't Miss

Stay in touch

To be updated with all the latest news, offers and special announcements.