चिपयाना गाँव के रहने वाले रचित ने सुसाइड किया था. पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-94 भेजा गया, जहां परिजनों को इस व्यवहार का सामना करना पड़ा.
उत्तर प्रदेश स्थित गौतमबुद्धनगर में नोएडा सेक्टर-94 स्थित पोस्टमार्टम हाउस से मानवता को शर्मसार कर देने वाला मामला सामने आया है. आरोप है कि पोस्टमार्टम हाउस के स्टाफ ने मृतक के परिजनों से कफन के नाम पर 3,000 रुपये की मांग की. पैसे न देने पर शव को बिना कपड़े ढके ही परिजनों को दे दिया. जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
पीड़ित परिवार का आरोप है कि पोस्टमार्टम हाउस स्टाफ ने पैसे मांगे थे पैसे न देने पर स्टाफ ने शव को हाथ लगाने से भी इनकार कर दिया. मजबूर होकर परिजनों को श्मशान घाट से चादर खरीदकर शव को ढकना पड़ा. इस दौरान परिजनों ने शव को ढकने के दौरान का वीडियो भी बनाया.
आरोप है कि पोस्टमार्टम हाउस का स्टाफ एम्बुलेंस का ठेका भी खुद ही चलाता है और परिजनों से मनमानी रकम वसूलने की कोशिश करता है. आरोप ये भी है कि पैसे न देने पर पोस्टमार्टम हाउस स्टाफ द्वारा स्ट्रेचर भी नहीं दिया जाता है.
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चिपयाना गाँव के रहने वाले रचित ने सुसाइड किया था. पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-94 भेजा गया, जहां परिजनों को इस व्यवहार का सामना करना पड़ा.
सीएमओ ने दी सफाई
जानकारी के अनुसार, चिपयाना गाँव के रहने वाले रचित ने सुसाइड किया था. पुलिस द्वारा शव को पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-94 भेजा गया, जहां परिजनों को इस व्यवहार का सामना करना पड़ा.
वही सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद स्वस्थ विभाग पर सवाल उठने लगे है. सोशल मीडिया पर यूजर्स तरह तरह की प्रतिक्रिया दी है. दूसरी ओर CMO नरेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि एक वीडियो संज्ञान में आया है इसके लिए पोस्टमार्टम हाउस के नोडल ऑफिसर डॉ जयशलाल को जांच कर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया हैं. स्वस्थ विभाग शव को पैक कर के देता है. अगर कोई पैसा मांगा गया है तो जांच में सामने आ जायेगी उसके अधार पर कार्रवाई की जायेगी.

