Asaduddin Owaisi Statement: वक्फ कानून को लेकर AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मोदी सरकार पर हमला बोला है. इसके अलावा उन्होंने असहिष्णुता से जुड़े मुद्दों पर चिंता जताई है.
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने केंद्र की मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला है. संगीरेड्डी जिले में आयोजित चुनावी सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने नए वक्फ (संशोधन) विधेयक को ‘मुसलमानों को बर्बाद करने वाला कानून’ करार दिया और दावा किया कि अगर संसद में उनकी पार्टी के और सांसद होते तो सरकार इसे लाने की हिम्मत नहीं कर पाती. ओवैसी ने अपनी बात रखते हुए देशभक्ति पर भी सवाल उठाने वालों को करारा जवाब दिया.
भाषण में ओवैसी ने कहा, ‘अगर भारत की संसद में असदुद्दीन ओवैसी के साथ अख्तरुल इमान और इम्तियाज जलील भी आ जाते, हम तीन होते तो शायद नरेंद्र मोदी ये काला वक्फ का कानून नहीं लेकर आ सकते थे.’ उन्होंने सवालिया लहजे में पूछा कि यह कानून बनाकर किसका नुकसान किया जा रहा है? उन्होंने स्पष्ट किया कि इससे सिर्फ मुसलमानों की मस्जिदों, दरगाहों और खानकाहों को नुकसान पहुंचने का खतरा है.
असहिष्णुता पर ओवैसी ने जताई चिंता
देश में बढ़ती असहिष्णुता पर चिंता जताते हुए ओवैसी ने कहा कि मॉब लिंचिंग और गौरक्षकों की तरफ से किए जा रहे जुल्म से मायूस होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने त्रिपुरा में मस्जिदों को नुकसान पहुंचाने की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमें अपना हौसला बुलंद रखना है और लोकतांत्रिक तरीके से हालात का मुकाबला करना है.
नागपुर में मिली जीत का किया जिक्र
महाराष्ट्र में अपनी पार्टी की बढ़ती ताकत का हवाला देते हुए ओवैसी ने कहा कि जब 125 नगरसेवक मजलिस के सफल हुए तो विपक्षी दल परेशान हो गए. उन्होंने नागपुर में मिली जीत का जिक्र करते हुए कहा कि जहां बीजेपी का मुख्यालय है और जहां उन्हें ‘बी टीम’ कहा जाता है, वहां मजलिस के 6 पार्षद जीतकर अपनी ताकत दिखा चुके हैं. उन्होंने कहा, “हमने झंडा उठाकर बताया था सुनो आरएसएस वालों, ये है मजलिस, अब यहां पर आ गई है और मजबूत होगी नागपुर में.”
विरोधियों के खिलाफ ओवैसी की कड़ी प्रतिक्रिया
अपने विरोधियों की तरफ से उन्हें देश विरोधी बताए जाने पर ओवैसी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि लोग उन्हें पाकिस्तान बनाने वाले व्यक्ति (जिन्ना) से जोड़कर देखते हैं, लेकिन ऐसा नहीं है. उन्होंने कहा, ‘मैं वो नहीं हूं, जो हिंदुस्तान का बंटवारा करके पाकिस्तान चला गया. मुझे इस वतन से मोहब्बत है और हमेशा रहेगी.’ उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी लड़ाई देश से नहीं, बल्कि उन ताकतों से है जो मुसलमानों और दलितों का हक छीनती हैं.

