ईरान ने अपने 2 प्रमुख परमाणु केंद्रों इस्फ़हान और नतांज में क्षतिग्रस्त ढांचों के ऊपर नई छतें और कवर बना लिए हैं. ताजा सैटेलाइट तस्वीरों ने एक बार फिर से हलचल मचा दी है.
ईरान के परमाणु ठिकानों पर एक बार फिर से हलचल देखी जा रही है. ताजा सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि तेहरान ने अपने 2 प्रमुख परमाणु केंद्रों इस्फ़हान और नतांज में क्षतिग्रस्त ढांचों के ऊपर नई छतें और कवर बना लिए हैं.
प्लैनेट लैब्स पीबीसी (Planet Labs PBC) की ओर से जारी हालिया सैटेलाइट तस्वीरों के बाद अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ये लगने लगा है कि ईरान शायद हमलों के बाद बचे हुए परमाणु संसाधनों को छिपाने या फिर से हासिल करने की कोशिश कर रहा है. जून में इजरायल-ईरान के बीच हुए युद्ध के बाद से यह पहला बड़ा निर्माण कार्य है, जो किसी भी बमबारी-प्रभावित परमाणु स्थल पर देखा गया है.
मिलिट्री डॉटकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, नई छतों के कारण सैटेलाइट्स के लिए जमीन पर हो रही गतिविधियों को देख पाना मुश्किल हो रहा है. यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि ईरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को देश में प्रवेश की अनुमति नहीं दी है. ऐसे में रिमोट मॉनिटरिंग ही निगरानी का एकमात्र जरिया बचा है.
यूरेनियम का भंडार छिपा रहा ईरान
विशेषज्ञों का मानना है कि इन छतों का मकसद किसी नए परमाणु निर्माण से अधिक, मलबे के नीचे दबे संवेदनशील उपकरणों और यूरेनियम के भंडार को दुनिया की नजरों से छिपाकर निकालना हो सकता है. फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज की एंड्रिया स्ट्रिकर के अनुसार ईरान ये सुनिश्चित करना चाहता है कि इजरायल या अमेरिका यह न देख सकें कि उनके हमलों में क्या-क्या बचा रह गया है.
अहम है नतांज और इस्फहान
ईरान की राजधानी तेहरान से लगभग 220 किलोमीटर दूर है नतांज, जो ईरान का सबसे प्रमुख यूरेनियम संवर्धन केंद्र रहा है. जून में इजरायल ने यहां की जमीन के ऊपर स्थित मुख्य संवर्धन इकाई को नष्ट कर दिया था, जबकि बाद में अमेरिका ने भूमिगत हिस्सों पर बंकर-बस्टर बमों से हमला किया. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि दिसंबर में नतांज में नई छत का निर्माण शुरू हुआ और महीने के अंत तक पूरा कर लिया गया, हालांकि वहां बिजली प्रणाली अब भी निष्क्रिय बताई जा रही है.
इस्फ़हान
इस्फ़हान में भी जनवरी की शुरुआत में इसी तरह की छत बनाई गई. इजरायली सेना का कहना था कि यहां हमले सेंट्रीफ्यूज निर्माण से जुड़ी इकाइयों पर किए गए थे. इसके अलावा कुछ सुरंगों को मिट्टी से भरते और एक सुरंग को दोबारा मजबूत करते हुए भी देखा गया है. तस्वीरों में नतांज के पास पिकैक्स माउंटेन नाम की जगह पर लगातार खुदाई भी दिख रही है, जहां एनालिस्ट्स का मानना है कि ईरान एक नई अंडरग्राउंड न्यूक्लियर फैसिलिटी बना रहा होगा.
सैटेलाइट तस्वीरें दिखाती हैं कि ईरान अपने बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों पर भी दोबारा काम शुरू कर चुका है. तेहरान के पास स्थित पारचिन सैन्य परिसर में ‘तालेघान-2’ नाम की जगह को फिर से विकसित किया जा रहा है, जिसे पहले परमाणु हथियारों से जुड़े विस्फोटक परीक्षणों से जोड़ा गया था.
ट्रंप की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप अमेरिकी हमलों से बचने के लिए ईरान से अपने परमाणु कार्यक्रम पर एक समझौते पर बातचीत करने की बार-बार मांग कर रहे हैं. अमेरिका ने विमानवाहक पोत USS अब्राहम लिंकन और कई गाइडेड-मिसाइल डिस्ट्रॉयर को मिडिल ईस्ट में भेज दिया है.

